हरिहरपुर, गढ़वा : मंगलवार की मध्यरात्रि रिहंद बांध की सुरक्षा को देखते हुए पांच मुख्य गेट खोल दिये गये. इसके बाद सोन नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका से सोनतटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. बाढ़ की आशंका को लेकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है.
2014 की बाढ़ का अनुभव याद कर डरे ग्रामीण
हरिहरपुर ओपी क्षेत्र के लोहरगडा निवासी राम पवन राम, अजित कुमार, कुलदीप चौधरी, कमलेश मेहता समेत दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि मौजूदा स्थिति वर्ष 2014 जैसी नजर आ रही है. ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2014 में भी रिहंद बांध से पानी छोड़े जाने के बाद सोन नदी में भयंकर बाढ़ आयी थी. इससे सोनतटीय इलाकों में काफी नुकसान हुआ था.
पुराने अनुभव को याद कर इस बार भी ग्रामीणों की चिंता बढ़ गयी है. लोगों का कहना है कि यदि बांध से पानी का बहाव अधिक हुआ और लगातार बारिश जारी रही, तो स्थिति गंभीर हो सकती है. सोन नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों ने प्रशासन से नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने और समय रहते आवश्यक कदम उठाने की मांग की है.
पुलिस ने सोनतटीय इलाकों का लिया जायजा
इधर, हरिहरपुर ओपी प्रभारी मो. नसीम अंसारी पुलिस बल के साथ सोनतटीय क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं. उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने और नदी के आसपास जाने से बचने की अपील की है. पुलिस प्रशासन की ओर से लोगों से किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सूचना देने को कहा गया है.
बाढ़ की आशंका के बीच सोनतटीय क्षेत्रों के लोगों की निगाहें अब सोन नदी के जलस्तर और रिहंद बांध से छोड़े जा रहे पानी पर टिकी हैं.
