ओजोन परत पृथ्वी का सुरक्षा कवच, संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों को किया जागरूक

विश्व ओजोन दिवस के अवसर पर गढ़वा के जीएन कान्वेंट पल्स टू स्कूल में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को ओजोन परत के महत्व और उसके संरक्षण के तरीकों से अवगत कराना था.

गढ़वा. विश्व ओजोन दिवस के अवसर पर स्थानीय जीएन कान्वेंट पल्स टू स्कूल के असेंबली सभागार में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को ओजोन परत के महत्व, इसके संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार के बारे में जानकारी दी गयी.

इस दौरान विद्यार्थियों के बीच मॉडल मेकिंग, प्रोजेक्ट मेकिंग, भाषण एवं निबंध प्रतियोगिता भी आयोजित की गयी.कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के निदेशक मदन प्रसाद केशरी ने कहा कि ओजोन परत पृथ्वी के लिए एक अदृश्य लेकिन बेहद महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है.

इसे पृथ्वी का सनस्क्रीन भी कहा जाता है. यह समताप मंडल में पृथ्वी की सतह से लगभग 10 से 50 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है और सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों के एक बड़े हिस्से को अवशोषित कर पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करती है.उन्होंने कहा कि ओजोन परत के क्षरण का प्रमुख कारण वायुमंडल में पहुंचने वाले ओजोन क्षयकारी पदार्थ हैं.

इनमें क्लोरोफ्लोरोकार्बन प्रमुख हैं, जिनका इस्तेमाल पहले प्रशीतन, एयर कंडीशनिंग और एरोसोल प्रणोदकों में व्यापक रूप से किया जाता था. ओजोन परत के क्षरण से पृथ्वी की सतह पर पहुंचने वाली पराबैंगनी किरणों की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे मानव स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.

लंबे समय तक पराबैंगनी विकिरण के संपर्क में रहने से त्वचा संबंधी रोग, त्वचा कैंसर, मोतियाबिंद और प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है. प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को निदेशक ने प्रशस्ति पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया.

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By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

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