रमकंडा से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट
Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले के रमकंडा थाना क्षेत्र के कुशवार गांव में पिछले दिनों हुई नाबालिग छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब तक रहस्य बना हुआ है. जंगल के किनारे दुपट्टे के सहारे झूलता हुआ शव बरामद होने के बाद से क्षेत्र में सनसनी फैली हुई है. जहां एक तरफ पुलिस इसे शुरुआती तौर पर आत्महत्या मान रही है, वहीं मृतका के परिजन इसे हत्या बता रहे हैं.
क्या है पूरा मामला?
कुशवार गांव निवासी सुनील साव की 16 वर्षीय पुत्री मनीषा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में जंगल के किनारे फंदे से लटका मिला था. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था. पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में मामला आत्महत्या की ओर इशारा कर रहा है, लेकिन घटना के हालात और परिजनों के दावों ने इसे पेचीदा बना दिया है.
पुलिस अन्य पहलुओं पर कर रही है जांच
परिजनों का आरोप है कि छात्रा की हत्या कर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से उसे फंदे पर लटकाया गया है. रमकंडा पुलिस इस मामले में तकनीकी साक्ष्यों और अन्य संभावित पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है. पुलिस ने विसरा को जांच के लिए एफएसएल रांची भेजा है. .
पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
रमकंडा थाना प्रभारी मुकेश कुमार का कहना है कि प्रथम दृष्टया में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन हम हत्या के बिंदु को भी पूरी तरह से खारिज नहीं कर रहे हैं. सच्चाई जानने के लिए एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. नमूने रांची भेज दिए गए हैं, रिपोर्ट आते ही मामले का पूर्ण उजागर कर दिया जाएगा.
ग्रामीणों में भारी आक्रोश
रमकंडा पुलिस के लिए यह गुत्थी सुलझाना एक बड़ी चुनौती है क्योंकि घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. पुलिस कॉल डिटेल्स और मृतका के करीबियों से भी पूछताछ कर मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. अब सबकी निगाहें फोरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस रहस्य से पर्दा उठा सकती है.
यह भी पढ़ें: JPSC PT में अनुपस्थित रहे 1.06 लाख परीक्षार्थी: आयोग ने जारी किया मॉडल उत्तर, जानें मेंस और इंटरव्यू की संभावित तारीख
यह भी पढ़ें: अक्षय तृतीया पर बाबा बैद्यनाथ का अलौकिक महाशृंगार: सरदार पंडा ने किया दिव्य पूजन, पलंग-पादुका का हुआ दान
