नहर पार करने के लिए पुलिया निर्माण की ग्रामीणों ने की मांग प्रतिनिधि, हरिहरपुर मझिगावां पंचायत के महुदड़ टोले के ग्रामीणों ने निर्माणाधीन नहर का सोमवार को विरोध किया गया. ग्रामीणों ने कहा कि यदि उनकी मांगे पूरी नहीं हुईं, तो वे निर्माण कार्य रोक देंगे. यह नहर फुलवार, कवलदाग, हुक्का, रपुरा, केवाल, मझिगावां, डगर, हरिहरपुर, दारिदह और श्रीनगर के दर्जनों गांवों के खेतों को सिंचाई के लिए जोड़ने के उद्देश्य से बन रही है. ग्रामीणों का आरोप है कि नहर निर्माण कंपनी संवेदनशील नहीं है. नहर के किनारे रहने वाले गरीब लोग सुरक्षित तरीके से नहर पार नहीं कर पा रहे हैं. लगभग 300 घरों के लोग नहर निर्माण से प्रभावित हैं. उन्होंने बताया कि नहर का निर्माण शुरू होने पर उन्हें कोई छोटी पुलिया या बामा जैसी पारगमन व्यवस्था नहीं दी गयी. ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण कार्य कर रहे मनोज सिंह ने पहले आश्वासन दिया था कि जरूरत पड़ने पर पुलिया या बामा दी जायेगी. लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी नहर के पास ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गयी. लोग लकड़ी और टाट के सहारे अस्थायी रूप से नहर पार कर रहे हैं. इसके अलावा, नहर की मिट्टी का स्तर ठीक से नहीं बिछाया गया है. नहर की चौड़ाई कहीं पांच, तो कहीं पंद्रह फीट होने के कारण उनके पारंपरिक रास्ते बाधित हो गये हैं. पास के बबूराहा आहर में सिंचाई के लिए भी पानी निकासी नहीं की गयी है, जिससे नहर का पानी आहर में नहीं जा रहा. ग्रामीणों ने कहा कि गर्मियों में वे खेतों से मुख्य सड़क तक तो पहुँच जाते हैं, लेकिन बरसात के दिनों में उनका जीवन कठिन हो जाता है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो वे निर्माण कार्य रोक देंगे और आवश्यक होने पर सड़कों पर विरोध करेंगे.मौके सविता देवी, पुष्पा देवी, रानी देवी, पार्वती देवी, मंजू देवी, लखपति देवी, गीता देवी, अजय राम, दिनेश यादव, नागेंद्र यादव, महेंद्र प्रजापति, जनेश्वर यादव सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल थे.
मझिगावां पंचायत में नहर निर्माण के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध
मझिगावां पंचायत में नहर निर्माण के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध
