भारतीय सनातन संस्कृति की ध्वजवाहक थीं राजमाता अहिल्याबाई होल्कर

गढ़वा में राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की पुण्यतिथि मनाई गई। वक्ताओं ने उन्हें सनातन संस्कृति की ध्वजवाहक और समाज सेवा की प्रेरणा बताया।

गढ़वा. गढ़वा जिला पाल महासभा के तत्वावधान में राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनायी गयी. इस अवसर पर गढ़वा शहर स्थित नीलांबर-पीतांबर बहुद्देशीय नगर भवन के समीप स्थापित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पाल समाज के लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. कार्यक्रम से पहले प्रतिमा स्थल की साफ-सफाई की गयी और परिसर को फूलों से सजाया गया. इस दौरान राजमाता अहिल्याबाई होल्कर अमर रहें के नारे भी लगाये गये.

अहिल्याबाई होल्कर भारतीय संस्कृति की ध्वजवाहक

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजसेवी राकेश पाल ने कहा कि राजमाता अहिल्याबाई होल्कर भारतीय सनातन संस्कृति की ध्वजवाहक थीं. उन्होंने काशी विश्वनाथ, सोमनाथ और गया स्थित विष्णुपद मंदिर सहित अनेक धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार कराया तथा कई मंदिर, धर्मशालाएं और निःशुल्क भोजनालय बनवाये. जिला पाल महासंघ के जिलाध्यक्ष सुधीर कुमार पाल ने कहा कि राजमाता अहिल्याबाई होल्कर का पूरा जीवन समाज सेवा, धर्म और जनकल्याण के लिए समर्पित रहा. उनका जीवन सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है. कार्यक्रम के सफल आयोजन में पाल महासंघ के कोषाध्यक्ष सुरेंद्र पाल, मीडिया प्रभारी जितेन्द्र कुमार पाल,दिलीप पाल, योगेंद्र पाल, सत्येन्द्र पाल, उदय पाल, अजय पाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही. मौके पर पाल महासंघ के संरक्षक श्री बुधन पाल, रामदास पाल, विश्वनाथ पाल, नागेन्द्र पाल, शिवपूजन पाल, मंजय पाल, मनीष पाल, रामदेव पाल, विजय पाल,सुनीता देवी, प्रभा देवी, अनीता देवी आदि मौजूद थे.

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By Avinash singh

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