जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष बने राज महेश्वरम, राघवेंद्र सचिव

जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष बने राज महेश्वरम, राघवेंद्र सचिव

गढ़वा. नीलांबर-पीतांबर बहुद्देशीय सांस्कृतिक भवन के सभागार में सोमवार को गढ़वा जिला क्रिकेट संघ का चुनाव कराया गया. इसमें अपर समाहर्ता राज महेश्वरम को अध्यक्ष तथा राघवेंद्र नारायण सिंह उर्फ गुड्डू सिंह को जिला सचिव व रविशंकर को कोषाध्यक्ष चुना गया. जबकि डॉ कुमार पंकज प्रभात, आलोक मिश्रा एवं रेखा चौबे निर्विरोध उपाध्यक्ष चुने गये. वहीं कुमार गौरव सिंह उर्फ विक्की सिंह, अंकित कुमार सिंह एवं कुमार गौरव सिंह संयुक्त सचिव चुने गये हैं. इसकी घोषणा मुख्य चुनाव पदाधिकारी राहुल ऋषि ने की. सभी निर्वाचित पदाधिकारियों को प्रमाण पत्र दिये गये. नौ पदों के लिए वे 13 प्रत्याशी : जिला क्रिकेट संघ के चुनाव में नौ पदों के लिए 13 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे. दरअसल कुल 15 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था. इसमें से एक का नामांकन रद्द हो गया जबकि एक प्रत्याशी ने अपना नाम वापस ले लिया. अध्यक्ष पद के लिए दो प्रत्याशी राज महेश्वरम एवं शैलेंद्र पाठक चुनाव मैदान में थे. राज महेश्वरम को 43 और शैलेंद्र पाठक को तीन मत मिले. वहीं सचिव के लिए दो प्रत्याशी, राघवेंद्र नारायण सिंह उर्फ गुड्डू सिंह एवं अजय कांत थे. इनमें राघवेंद्र नारायण सिंह को 44 तथा अजय कांत को तीन मत प्राप्त हुए. वहीं कोषाध्यक्ष पद के लिए तीन प्रत्याशी मैदान में थे. इनमें जगन्नाथ राम, रविशंकर और संतोष मिश्रा शामिल हैं. इनमें जगन्नाथ राम को तीन, रविशंकर को 39 तथा संतोष मिश्रा को चार मत मिले. सुबह 10 बजे से मतदान प्रारंभ हुआ चुनाव को लेकर जिला खेल पदाधिकारी दिलीप कुमार को दंडाधिकारी नियुक्त किया गया था. जबकि मुख्य चुनाव पदाधिकारी अधिवक्ता राहुल ऋषि, सहायक चुनाव पदाधिकारी कार्तिक अन्वेषण एवं जानवी कुमारी को बनाया गया था. इनके देख रेख में चुनाव सुबह 10 बजे से प्रारंभ कराया गया जाो दोपहर दो बजे तक चला. चुनाव के बाद मतगणना करायी गयी ततपश्चात चुनाव अधिकारी के द्वारा घोषणा की गयी. इस दौरान पुलिस बल भी तैनात किये गये थे. कुल 82 में 46 मतदाताओं ने किया अपने मतों का प्रयोग चुनाव में कुल 82 मतदाता थे. लकिन सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक 82 में से मात्र 46 मतदाता ही मतदान करने पहुंचे. जबकि 36 मतदाताओं ने चुनाव में भाग नहीं लिया. चुनाव को लेकर प्रशासन की ओर से कड़ी व्यवस्था की गयी थी. मतदान केंद्र तक पहुंचने से पहले दो जगहों पर मतदाताओं के पहचान पत्र अथवा आधार कार्ड की जांच की जा रही थी. वहीं पूरो चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करायी गयी है. क्रिकेट के क्षेत्र में आगे बढ़ेगा गढ़वा : अध्यक्ष गढ़वा जिला क्रिकेट संघ का चुनाव संपन्न होने के बाद नवगठित कार्यसमिति की ओर से एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया. इसमें नवनिर्वाचित अध्यक्ष राज महेश्वरम ने कहा कि आने वाले दिनों में गढ़वा जिले में क्रिकेट को एक नयी दिशा और गति दी जायेगी. उन्होंने कहा कि जिले में क्रिकेट प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें उचित मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराने की जरूरत है. संघ का मुख्य उद्देश्य जिले के उभरते हुए खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधा व आधुनिक खेल मैदान उपलब्ध कराना तथा प्रतियोगिताओं का आयोजन कराना रहेगा. उन्होंने कहा कि संघ की नई टीम सामूहिक प्रयास से जिले में खेल का स्तर ऊंचा उठाने का काम करेगी. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण का होगा प्रयास : इसके साथ ही राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर गढ़वा के खिलाड़ियों की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष कैंप और चयन ट्रायल भी आयोजित किये जायेंगे. तथा गढ़वा में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के लिए हर संभव प्रयास किया जायेगा. मौके पर संघ के अन्य नव-निर्वाचित पदाधिकारियों ने भी अपनी प्राथमिकताओं को साझा किया और सभी ने मिलकर गढ़वा जिले को क्रिकेट के क्षेत्र में एक नयी पहचान दिलाने का संकल्प दोहराया. उपस्थित लोग : मौके पर शैलेंद्र पाठक, आलोक मिश्रा, ओम प्रकाश गुप्ता, गुड्डू तिवारी, अनीता दत्त, डॉ शमशेर सिंह, डॉ पी कश्मूर, डॉ कुमार पंकज प्रभात, उदय नारायण तिवारी, राजा सिंह,सत्येंद्र सिंह, चुन्नू सिंह, रवि शंकर दुबे, रवि सिंह, आराधना सिंह, चंदा देवी, किशोर कुणाल, प्रिंस कुमार सिंह, राजीव केसरी, अमित श्रीवास्तव, अंकित कुमार सिंह व संतोष मिश्रा सहित काफी संख्या में खिलाड़ी और खेल से जुड़े लोग उपस्थित थे.

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नगर निकाय चुनाव में नहीं चला विधानसभा का गणितगढ़वा नगर परिषद चुनाव में भाजपा, झामुमो, कांग्रेस व राजद को उम्मीद से कम मिले मत- अध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी की जीत ने चौंकाया- पिछले मत प्रतिशत को बरकरार नहीं रख सके बड़े दलपीयूष तिवारी, गढ़वागढ़वा नगर परिषद चुनाव संपन्न होने के बाद प्रत्याशियों को मिले मतों और उनके जीत-हार के समीकरणों की चर्चा शहर के नुक्कड़ों और चौक-चौराहों पर तेज हो गयी है. बिना किसी दल और बड़े नेताओं के समर्थन के दौलत सोनी की अध्यक्ष पद पर जीत ने सभी को चौंका दिया है. इस चुनाव में झामुमो, कांग्रेस, राजद और भाजपा जैसे बड़े दलों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी. लेकिन परिणामों ने इन दलों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. करीब 15 महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में इन दलों को जो मत मिले थे, उन्हें वे अपने समर्थित प्रत्याशियों के माध्यम से बरकरार नहीं रख सके. सबसे खराब स्थिति भाजपा की रही है. विधानसभा चुनाव 2024 में भाजपा शहर के 33 बूथों में से 30 बूथों पर पहले स्थान पर रही थी. शहरी क्षेत्र से पार्टी को 15 हजार से अधिक मत प्राप्त हुए थे. इसके विपरीत नगर निकाय चुनाव में भाजपा के अध्यक्ष पद की प्रत्याशी कंचन जायसवाल को मात्र 2582 मत मिले. यदि भाजपा के बागी प्रत्याशी अलखनाथ पांडेय को मिले 2701 मत भी जोड़ दिये जाएं, तो कुल आंकड़ा लगभग 5300 तक ही पहुंचता है. यह संख्या विधानसभा चुनाव में मिले मतों की तुलना में काफी कम है.पिछले निकाय चुनाव के मत भी नहीं बचा सकी भाजपावर्ष 2018 के नगर निकाय चुनाव में अलखनाथ पांडेय की पत्नी मीरा पांडेय ने भाजपा के टिकट पर उपाध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा था. उन्हें 6899 मत मिले थे. वहीं निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उपाध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने वाले विनोद जायसवाल (2026 में भाजपा समर्थित प्रत्याशी कंचन जायसवाल के पति) को 3810 मत प्राप्त हुए थे. वर्तमान चुनाव में ये दोनों ही परिवार अपने पुराने प्रदर्शन को दोहरा नहीं सके. न तो विधानसभा चुनाव में मिले मतों को बरकरार रख पाये और न ही पिछले निकाय चुनाव के आंकड़े तक पहुंच सके.झामुमो और कांग्रेस का गठजोड़ भी नहीं दिला सका जीतगढ़वा नगर परिषद चुनाव में झामुमो ने संतोष केसरी को अपना समर्थित प्रत्याशी बनाया था. कांग्रेस ने भी उन्हें समर्थन दिया. दो बड़े दलों के समर्थन के बावजूद संतोष केसरी को मात्र 3790 मत प्राप्त हुए. वर्ष 2018 के निकाय चुनाव में महिला आरक्षित सीट होने के कारण संतोष केसरी की पत्नी पिंकी केसरी अध्यक्ष पद की प्रत्याशी थीं. तब उन्हें 6411 मत मिले थे और वे भाजपा प्रत्याशी थीं. उसी चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी कमर सफदर को केवल 420 मत प्राप्त हुए थे. दोनों दलों को उम्मीद थी कि संयुक्त रूप से वे करीब सात हजार मत प्राप्त कर संतोष केसरी को जीत दिला देंगे. लेकिन यह रणनीति सफल नहीं हो सकी.54 मतों से हारने वाली अनिता दत्ता को इस बार केवल 215 मतवर्ष 2018 के नगर परिषद चुनाव में झामुमो की प्रत्याशी अनिता दत्ता को 6357 मत मिले थे. वे मात्र 54 मतों के अंतर से पिंकी केसरी से हार गयी थीं. इस बार अनिता दत्ता को किसी दल का समर्थन नहीं मिला और वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरीं. लेकिन उन्हें केवल 215 मतों से ही संतोष करना पड़ा.राजद भी पिछला प्रदर्शन दोहराने में विफलनगर परिषद चुनाव 2026 में राजद ने विकास माली को समर्थन दिया. विकास माली को 1222 मत प्राप्त हुए. जबकि वर्ष 2018 के चुनाव में राजद समर्थित प्रत्याशी मनिका नारायण को 5117 मत मिले थे. वहीं उपाध्यक्ष पद के लिए राजद प्रत्याशी मो शमीम को 2018 में 3728 मत प्राप्त हुए थे. कुल मिलाकर नगर परिषद चुनाव के नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार मतदाताओं ने दलों की बजाय प्रत्याशियों को प्राथमिकता दी. बड़े दलों की रणनीति और पुराने मत प्रतिशत इस चुनाव में कारगर साबित नहीं हुए.

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