प्रतिनिधि, गढ़वा जनसहभागिता और प्रशासनिक सहयोग से संचालित आपन सरस्वतिया अभियान के छठे दिन शनिवार को उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 9 और 10 स्थित सरस्वती नदी के तटीय इलाकों का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से चल रहे नदी सफाई व गाद हटाने के कार्य का जायजा लिया व अभियान से जुड़े लोगों के प्रयासों की सराहना की. निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने उपस्थित नागरिकों को नदी स्वच्छता और संरक्षण की सामूहिक शपथ दिलायी. साथ ही सरस्वतिया नदी को स्वच्छ, अविरल और अतिक्रमण मुक्त बनाये रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि किसी भी नदी का संरक्षण केवल प्रशासनिक प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए जनसहभागिता और सामाजिक जागरूकता जरूरी है. उपायुक्त ने अभियान से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों के प्रयासों को अनुकरणीय बताते हुए उनका उत्साहवर्धन किया. उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार को नदी के प्रवाह क्षेत्र को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराने व नदी की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया. नदी की भूमि को सुरक्षित रखना भविष्य की पीढ़ियों के लिए जरूरी डीसी ने कहा कि नदी की भूमि और प्रवाह क्षेत्र को सुरक्षित रखना भविष्य की पीढ़ियों के हित में अत्यंत आवश्यक है. इस अवसर पर नगर परिषद के वार्ड संख्या 9 और 10 के पार्षद, पूर्व पार्षद, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय गणमान्य नागरिक मौजूद थे. अभियान में शौकत खान और शुभम सिंह ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. अभियान को लेकर स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह देखा गया और बड़ी संख्या में लोगों ने सहयोग जारी रखने का भरोसा दिया. नदी में कचरा फेंकने वालों की फोटो लेकर प्रशासन को करायें उपलब्ध एसडीएम संजय कुमार ने लोगों से अपील की कि नदी सफाई के बाद यदि कोई व्यक्ति नदी क्षेत्र में कचरा फेंकता दिखाई दे तो उसकी फोटो या वीडियो प्रशासन को उपलब्ध करायें, ताकि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके. उन्होंने कहा कि आपन सरस्वतिया अभियान केवल सफाई अभियान नहीं, बल्कि नदी संरक्षण और जनजागरूकता का व्यापक अभियान है.
नदी का संरक्षण केवल प्रशासनिक प्रयासों से संभव नहीं, जनसहभागिता भी जरूरी: डीसी
नदी का संरक्षण केवल प्रशासनिक प्रयासों से संभव नहीं, जनसहभागिता भी जरूरी: डीसी
