पलामू के लोकप्रिय शिक्षाविद प्रोफेसर सुभाषचंद्र मिश्र का निधन हो गया. शहर के रेड़मा श्रीराम पथ स्थित आवास पर उन्होंने रविवार की देर रात करीब एक बजे अंतिम सांस ली. सोमवार को उनका अंतिम संस्कार कोयल नदी तट स्थित राजा हरिश्चंद्र घाट पर किया गया. उनके निधन की खबर पाकर शहर के विभिन्न मुहल्लों के गणमान्य लोगों ने उनके घर पहुंचे और उनके पार्थिव शरीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया.लोगों ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निधन से शिक्षा व साहित्य जगत के अलावा समाज को अपूर्णिय क्षति हुई है. साहित्य व शिक्षा के विकास में उनका अमूल्य योगदान रहा है. खेल, गीत, संगीत, कवि सम्मेलन सहित अन्य कार्यक्रमों में उनकी गहरी रुचि थी. वे सामाजिक व सांस्कृतिक गतिविधियों में हमेशा सक्रिय रहते थे. कई संस्थाओं से उनका जुड़ाव था. वे मृदुभाषी,मिलनसार एवं व्यवहार कुशल थे. अपनी कार्यशैली व व्यवहार कुशलता के कारण समाज में काफी लोकप्रिय थे. वे जीएलए कॉलेज में अंग्रेजी विभाग के प्राध्यापक पद से सेवानिवृत हुए थे. इसके बाद सामाजिक कार्यों में उनकी गतिविधियां बढ़ी थी. पिछले कुछ माह से बीमार थे. वे अपने पीछे भरापूरा परिवार छोड़ गये है. उनके दाह संस्कार में शहर के काफी संख्या में बुद्धिजीवी व गणमान्य लोग शामिल हुए. बेरोजगार संघर्ष मोरचा ने उनके निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त किया है. मोरचा के अध्यक्ष उदय राम ने उनके निधन को समाज के लिए अपूर्णीय क्षति बताया.
नहीं रहे पलामू के लोकप्रिय शिक्षाविद प्रोफेसर सुभाषचंद्र मिश्र
नहीं रहे पलामू के लोकप्रिय शिक्षाविद प्रोफेसर सुभाषचंद्र मिश्र
