मेराल और रमना क्षेत्र में 2024 में शुरू करनी थी पेयजल की आपूर्ति दिनेश गुप्ता, रमना प्रखंड क्षेत्र की लगभग एक लाख की आबादी पिछले एक साल से हर घर नल-जल योजना के शुरू होने का इंतजार कर रही है. सुधाकर इंफ्राटेक कंपनी को वर्ष 2024 तक मेराल और रमना क्षेत्र में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करनी थी, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी कार्य अधूरा है. योजना के पूर्ण नहीं होने से ग्रामीणों में विभाग और कार्यदायी संस्था के प्रति भारी आक्रोश है. फोरलेन निर्माण के कारण पाइपलाइन क्षतिग्रस्त योजना में देरी का मुख्य कारण सड़क निर्माण को बताया जा रहा है. योजना प्रबंधक आलोक सिन्हा ने बताया कि लगभग 90 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है. हालांकि, फोरलेन सड़क निर्माण के दौरान कई जगहों पर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे काम में विलंब हुआ है. उन्होंने आश्वासन दिया कि एक महीने के भीतर क्षतिग्रस्त पाइपों को दुरुस्त कर शेष बचे कनेक्शनों को जोड़ दिया जायेगा. वहीं, सड़क निर्माण कर रही एमजीएम कंस्ट्रक्शन के अधिकारी विनोद सिंह ने कहा कि विकास कार्यों में तालमेल के लिए सुधाकर इंफ्राटेक से सहमति बन गयी है और जल्द ही काम शुरू होगा. फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर हैं ग्रामीण रमना बाजार और आसपास के क्षेत्रों में जलस्तर काफी नीचे चला गया है. ग्रामीणों के अनुसार, कई इलाकों के पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने के कारण वह पीने योग्य नहीं है. गर्मी की दस्तक के साथ ही पानी की किल्लत और गहराने का डर सता रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि एक साल पहले घरों के बाहर पाइप तो निकाल दिये गये, लेकिन उनमें आज तक पानी की एक बूंद भी नहीं आया.समस्या को लेकर ग्रामीणों ने भवनाथपुर विधायक अनंत प्रताप देव (छोटे राजा) से मिलकर योजना को अविलंब चालू कराने की मांग की है. मांग करने वालों में झामुमो नेता मुन्ना प्रसाद गुप्ता, रोहित वर्मा, मुन्ना पासवान, जितेंद्र कुमार, बबलू गुप्ता, विश्वजीत कुमार, पंकज गुप्ता, मदन प्रसाद, श्री प्रसाद गुप्ता और जमुना प्रसाद सहित कई स्थानीय निवासी शामिल हैं. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द जलापूर्ति शुरू नहीं हुई, तो वे आंदोलन के लिए विवश होंगे.
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