सीजीएल हॉस्पिटल में हुआ एक दिवसीय प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आयोजन
प्रतिनिधि, गढ़वा जिला मुख्यालय के रेहला रोड स्थित सोनपुरवा में स्थित चौधरी जेनरल एंड लकवा हॉस्पिटल में रविवार को एक दिवसीय प्राथमिक उपचार व सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) तकनीक का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में अनुभवी हृदय, मधुमेह, नस और लकवा रोग विशेषज्ञ डॉ पीके वर्मा ने आपातकालीन स्थिति में प्राथमिक उपचार के बारे में जानकारी दी. डॉ वर्मा ने कहा कि प्राथमिक उपचार एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से किसी घायल या अचानक बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाने से पहले दुर्घटना स्थल पर ही अस्थायी सहायता दी जाती है. इसका मुख्य उद्देश्य जीवन को बचाना, व्यक्ति की स्थिति को बिगड़ने से रोकना और चोट की गंभीरता को कम करना है. इस दौरान उन्होंने सीपीआर तकनीक की भी विस्तार से व्याख्या की, जो जीवन रक्षक प्रक्रिया है. सीपीआर का उपयोग तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति का दिल धड़कना बंद कर दे या उसकी सांस रुक जाये. हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ कुलदेव चौधरी ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य यह है कि सुदूरवर्ती क्षेत्रों में कार्यरत मेडिकल कर्मी प्राथमिक उपचार के माध्यम से कई लोगों की जान बचा सकते हैं. उन्होंने ग्रामीण चिकित्सकों को सुझाव देते हुए कहा कि यह जरूरी नहीं कि केवल दवा से ही जान बचायी जा सकती है. उचित तकनीक के माध्यम से भी प्राथमिक उपचार दिया जा सकता है और मरीज को बेहतर इलाज के लिए अस्पताल भेजा जा सकता है. इस अवसर पर निदेशक डॉ जुली कुमारी, पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ अतुल्य शंकर मिश्रा, लैब टेक्नीशियन अंकित गुप्ता, कुलदीप ठाकुर, अजित कुमार पासवान, फार्मासिस्ट सत्यप्रकाश चौधरी, धीरेंद्र प्रजापति, जीएनएम ओमप्रकाश गुप्ता, इमरान आलम, कविता कुमारी, सलोनी पासवान, शालिनी कुमारी, नाजिया खातून, ड्रेसर तबरेज अंसारी, अभय यादव, टेक्निकल एडवाइजर रविकांत पाल सहित सैकड़ों प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे. इस कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षकों ने प्राथमिक उपचार और सीपीआर तकनीक पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया, ताकि आपातकालीन स्थितियों में प्रभावी तरीके से सहायता प्रदान की जा सके.ओके सीपीआर तकनीक से बचायी जा सकती है जान : डॉ पीके वर्मा
सीजीएल हॉस्पिटल में हुआ एक दिवसीय प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आयोजन
