गढ़वा : शिक्षक दिवस के अवसर पर ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल की ओर से शिक्षकों के सम्मान एवं उत्साहवर्धन के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. विद्यालय प्रबंधन ने सभी शिक्षकों को उपहार देकर सम्मानित किया तथा उन्हें नेतरहाट के शैक्षणिक भ्रमण पर ले गया. कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के निदेशक अनूप सोनी, सचिव आलोक सोनी, प्रबंधन समिति सदस्य धीरज राज एवं प्रधानाचार्य निरकेष शर्मा ने डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की तस्वीर पर माल्यार्पण कर की. इस दौरान शिक्षकों के शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण एवं योगदान की सराहना की गयी.
प्रकृति के साथ शिक्षा की परंपरा को जाना
नेतरहाट अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है. शिक्षा के क्षेत्र में भी इसका विशिष्ट स्थान है. इसी दृष्टिकोण से शिक्षकों के लिए यह शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया, ताकि वे ऐसे स्थानीय स्थलों को नजदीक से जान-समझ सकें, जिनकी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर है और जिनसे सीखने के अवसर मिलते हैं.
शिक्षकों ने सनराइज प्वाइंट से सूर्योदय का मनोरम दृश्य देखा तथा नेतरहाट आवासीय विद्यालय का भ्रमण किया. विद्यालय के प्राचार्य संतोष कुमार से मुलाकात के दौरान शिक्षकों ने वहां की शैक्षणिक परंपरा, अनुशासन और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की व्यवस्था को समझा. जीव विज्ञान, रसायन एवं भौतिकी प्रयोगशालाओं तथा लाइब्रेरी का भी अवलोकन किया.
विद्यालय के निदेशक अनूप सोनी ने कहा कि शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि नयी सीख, ऊर्जा और प्रेरणा हासिल करना है. उन्होंने कहा कि हमारे आसपास ऐसे कई महत्वपूर्ण स्थान हैं, जिन्हें विद्यार्थियों और शिक्षकों को किताबों से बाहर निकलकर प्रत्यक्ष रूप से जानना चाहिए. नेतरहाट की शैक्षणिक परंपरा और अनुशासन से प्रेरणा लेकर विद्यालय को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जायेगा.
प्रधानाचार्य निरकेष शर्मा ने कहा कि नेतरहाट की प्राकृतिक शांति और इसकी समृद्ध शैक्षणिक परंपरा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रेरणादायक है. शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि संस्कारी, अनुशासित और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है.
पिकनिक और सामूहिक भोज का भी हुआ आयोजन
भ्रमण के दौरान शिक्षकों के लिए पिकनिक एवं सामूहिक भोज का भी आयोजन किया गया. शिक्षकों ने आपसी सौहार्द के साथ समय बिताया और पलामू के प्रसिद्ध मिर्चैया फॉल का आनंद लिया. शिक्षकों ने आयोजन के लिए विद्यालय प्रबंधन के प्रति आभार जताया. यह भ्रमण प्रकृति के आनंद के साथ स्थानीय विरासत, शिक्षा और अनुशासन से सीख लेने का अवसर बना.
