श्रद्धा व विश्वास के साथ धूमधाम से मनाया जाता है नवरात्रि राजकमल तिवारी, गढ़वा गढ़वा जिला मुख्यालय स्थित गायत्री शक्तिपीठ कल्याणपुर में स्थापना काल से ही चैत्र और शारदीय, दोनों नवरात्रि श्रद्धा और विश्वास के साथ धूमधाम से मनाये जाते हैं. गायत्री शक्तिपीठ की नींव वर्ष 2012 में रखी गयी थी. उसी वर्ष से यहां नियमित पूजा-अर्चना प्रारंभ हो गयी थी. इसके लिए कल्याणपुर निवासी एवं बाजार समिति के सेवानिवृत्त कर्मचारी सरयू चंदवंशी ने भूमि दान दी थी. बाद में यहां क्रमशः शिव मंदिर और गायत्री मंदिर का भी निर्माण कराया गया. स्थापना काल से ही नवरात्रि के अवसर पर कलश स्थापना कर गायत्री अनुष्ठान किया जाता है. विशेष रूप से शारदीय नवरात्रि पर यहां भव्य आयोजन होता है. इस दौरान गायत्री परिजन 24 हजार गायत्री मंत्रों का लघु अनुष्ठान करते हैं. सुबह-शाम आरती-पूजा के साथ पूरा परिसर भक्तिमय हो उठता है. चार वर्षों से पंडाल बनाकर की जा रही है पूजा विगत चार वर्षों से यहां अलग से पंडाल बनाकर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जा रही है. युवाओं का संगठन ‘ओम समिति’ इस पूजा का आयोजन करता है. पूरे नौ दिनों तक कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की नियमित पूजा-अर्चना होती है. शाम में ओम समिति द्वारा श्रीराम कथा का आयोजन किया जाता है, जिसका वाचन गायत्री परिवार के जिला समन्वयक विनोद पाठक करते हैं. नवमी तिथि को कुमारी कन्याओं का पूजन और गायत्री अनुष्ठान की पूर्णाहुति की जाती है. इसके बाद भंडारा आयोजित होता है. बताया गया कि गायत्री शक्तिपीठ कल्याणपुर, अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार का एक केंद्र है. यहां से युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के सात सूत्री आंदोलन साधना, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वावलंबन, नारी जागरण, पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति व कुरीति उन्मूलन को आगे बढ़ाया जाता है.
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