विजय सिंह, भवनाथपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित एचपी गैस एजेंसी में पिछले दो सप्ताह से जारी रसोई गैस की किल्लत शुक्रवार को और गहरी हो गयी. 15 दिनों से गैस सिलिंडर की आपूर्ति ठप होने के बाद, शुक्रवार को जब मात्र 300 सिलेंडरों की खेप ऐजेंसी पहुंची, तो उपभोक्ताओं का हुजूम एजेंसी पर उमड़ पड़ा. गैस पाने की होड़ में अफरातफरी जैसी स्थिति बनी रही. एजेंसी संचालक विवेक सिंह ने बताया कि वर्तमान में करीब 10 हजार उपभोक्ता एजेंसी से जुड़े हैं, जिनमें उज्ज्वला योजना के लाभार्थी भी शामिल हैं. इनमें से लगभग 3,500 से 4,000 उपभोक्ता नियमित रूप से गैस सिलिंडर उठाते हैं. उन्होंने आश्वासन दिया कि गैस की किल्लत जल्द दूर होगी और दो दिनों के भीतर सिलेंडरों की नयी खेप आने की संभावना है. कोयला व लकड़ी पर खाना बनाने की मजबूरी गैस संकट का सीधा असर स्थानीय बाजारों और रसोई पर दिख रहा है. होटल, रेस्टोरेंट और घरों में गैस खत्म होने के कारण लोग कोयला और लकड़ी के सहारे खाना बनाने को मजबूर हैं. इसका फायदा उठाकर लकड़ी विक्रेताओं ने दाम दोगुने कर दिये हैं, जो लकड़ी पहले 100 रुपये प्रति बोझा बिकती थी, अब उसकी कीमत 200 रुपये तक पहुंच गयी है. किल्लत को देखते हुए लोग लकड़ी विक्रेताओं के घर जाकर पहले से बुकिंग कराने लगे हैं.
एजेंसी में 15 दिन बाद आया 300 गैस सिलिंडर, उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ी
एजेंसी में 15 दिन बाद आया 300 गैस सिलिंडर, उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ी
