दीपावली से एक दिन पहले जुलूस निकालने की परंपरा प्रतिनिधि, रंका श्रीहनुमत जयंती के अवसर पर रंका में रविवार को महावीरी झंडा जुलूस निकाला गया. साथ ही भगवान राम, लक्ष्मण, सीता और वीर हनुमान की झांकी निकाली गयी. जुलूस श्री रघुनाथ अखाड़ा हनुमान मंदिर से निकाला गया. श्री रघुनाथ अखाड़ा हनुमान मंदिर परिसर में पूजन समारोह के साथ महावीरी झंडा का जुलूस शुभारंभ हुआ. जुलूस में दर्जनों गांव से श्रद्धालुओं ने सैकड़ों महावीरी झंडा लेकर शामिल हुए. जुलूस में हरि बोल, जय श्री राम के जयकारों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा. जुलूस के दौरान जगह-जगह पर कलाकारों ने लाठी- डंडे और तलवार की करतब दिखाये. जुलूस के साथ चल रहे राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान की झांकी को एक झलक देखने के लिए लोगों में काफी उत्सुकता थी. आखाड़ा के महंत बलराम पांडेय ने बताया कि हनुमत जयंती के अवसर पर दीपावली से एक दिन पूर्व महावीरी झंडा निकालने की परंपरा है. उन्होंने बताया कि 90 वर्ष पूर्व से महावीरी झंडा निकालने की परंपरा चली आ रही है. उन्होंने बताया कि 90 वर्ष पूर्व रंका में रघुनाथ नामक एक साधु आखाड़ा में निवास करते थे. उन्हीं के नाम पर इस आखाड़ा का नाम श्री रघुनाथ अखाड़ा पड़ा. बाद में तीन युवकों जगनंदन सिंह, प्रगास साव चौरसिया और रामजी साहु ने आखाड़ा का विधिवत निर्माण कराया गया. और आखाड़ा में कुस्ती- दंगल प्रतियोगिता आयोजित होने लगी. धीरे-धीरे यह परंपरा बढ़ती चली गयी. बाद में आखाड़ा में मंदिर की स्थापना कर हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित की गयी और दिपावली से एक दिन पूर्व हनुमत जयंती के अवसर पर महावीरी झंडा निकालने की शुरुआत की गयी. इस मौके पर पूजा समिति के अध्यक्ष सुल्पानी सिंह, उत्तम पांडेय, सोनु कुमार मद्धेशिया, विवेक कुमार चौधरी, विकास पाल, नीरज गुप्ता, मोहित चौधरी, अमरेंद्र कुमार अन्य उपस्थित थे.
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