गढ़वा के मिलावटखोरों का यूपी-बिहार से जुड़ा तार, प्रशासनिक जांच में खुलासा

Garhwa News: गढ़वा में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की है. जांच में खुलासा हुआ है कि बाहरी राज्यों से नकली मिठाइयों और डेयरी उत्पादों की आपूर्ति कर ग्रामीण क्षेत्रों तक सप्लाई की जा रही थी. इस खबर से संबंधित जानकारी नीचे पढ़ें.

गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट 

Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले में नकली और मिलावटी मिठाइयों के काले कारोबार का खुलासा हुआ है. प्रशासनिक जांच में सामने आया है कि शहर के कुछ बड़े प्लास्टिक कारोबारी बाहरी राज्यों से निम्न गुणवत्ता वाली मिठाइयां, खोवा और पनीर मंगवाकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे थे. सदर अनुमंडल दंडाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार की जांच के बाद तीन कारोबारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इस कार्रवाई से खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन की सख्ती साफ नजर आ रही है.

यूपी और बिहार के शहरों से जुड़ा अंतरराज्यीय सिंडिकेट

प्रशासनिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि गढ़वा के कुछ कारोबारी केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय नेटवर्क के रूप में काम कर रहे थे. बिहार के गया, औरंगाबाद और उत्तर प्रदेश के कानपुर और वाराणसी जैसे शहरों से थोक में नकली मिठाइयां, खोवा और पनीर मंगवाया जा रहा था. इन खाद्य सामग्रियों को प्लास्टिक और डिस्पोजल कारोबार की आड़ में गढ़वा लाकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सप्लाई किया जा रहा था. 

तीन कारोबारियों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई शुरू 

इस मामले में एसडीएम संजय कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है. आरोपी कारोबारियों में अजय कुमार (परम पुरी प्लास्टिक), सुमित कुमार (मनीष प्लास्टिक) और अमन केसरी (मां गढ़ देवी डिस्पोजल) का नाम शामिल है. इन सभी पर लंबे समय से मिलावटी और दोयम दर्जे की खाद्य सामग्री की थोक आपूर्ति करने का आरोप है. 

लोगों की सेहत से खिलवाड़ पर प्रशासन सख्त

एसडीएम संजय कुमार ने स्पष्ट कहा कि मुनाफाखोरी के लिए जनता के स्वास्थ्य को खतरे में डालना दंडनीय अपराध है. उन्होंने बताया कि जांच में यूपी और बिहार से जुड़े तार मिलने के बाद प्रशासन और अधिक सतर्क हो गया है तथा आगे भी इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. 

छोटे दुकानदारों को भी दी गई चेतावनी

प्रशासन ने छोटे दुकानदारों को भी सचेत किया है कि वे केवल प्रमाणित स्रोतों से ही पनीर, खोया और मिठाइयों की खरीदारी करें. साथ ही लोगों से भी अपील की गई है कि संदिग्ध खाद्य सामग्री की सूचना तुरंत प्रशासन को दें, जिससे समय रहते कार्रवाई की जा सके. 

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By Priya Gupta

प्रिया गुप्ता प्रभात खबर के लाइफस्टाइल बीट पर 1 साल से काम कर रही हैं. यहां वे हेल्थ, फैशन और भी ट्रेंड से जुड़ी आर्टिकल लिखती हैं. ये हर लेख को दिल से लिखती है, जो पाठकों को सिर्फ जानकारी नहीं, एक एहसास पहुंचा सकें.

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