गढ़वा. गढ़वा के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम दिनेश कुमार की अदालत ने बुधवार को पत्नी की हत्या के मामले में दोषी पाये गये रंका थाना क्षेत्र के चटकमान गांव निवासी बबलू कुमार उर्फ विकास साव उर्फ विकास प्रसाद को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही अदालत ने उस पर ₹25,000 का अर्थदंड भी लगाया है. 14 दिसंबर 2021 की घटना: यह मामला रंका थाना कांड संख्या 306/2021 से जुड़ा है. घटना 14 दिसंबर 2021 की है, जब पलामू जिले के पड़वा थाना क्षेत्र के लामी गांव निवासी रविंद्र प्रसाद ने रंका थाना में अपनी बहन रूपवंती देवी उर्फ दिया देवी की हत्या की आशंका में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी. प्राथमिकी में बताया गया था कि 23 अप्रैल 2012 को उनकी बहन की शादी विकास प्रसाद उर्फ बबलू कुमार के साथ हुई थी. शुरुआती दो वर्षों तक सब कुछ ठीक रहा, लेकिन बाद में पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया. बच्चे नहीं होने और दहेज की मांग को लेकर रूपवंती को प्रताड़ित किया जाता था. क्या था घटनाक्रम रूपवंती देवी के भाई ने अपने आवेदन में बताया कि आरोपी एक लाख रुपये नकद और पल्सर मोटरसाइकिल की मांग करता था. 12 दिसंबर 2021 को आरोपी के परिजन जुगेश्वर साव ने फोन पर बताया कि आपकी बहन भाग गयी है. शक होने पर जब खोजबीन की गयी, तो पता चला कि विकास और उसका देवर अखिलेश साव उसे जंगल ले गये हैं. जांच में सामने आया कि आरोपी ने उसे घर से गढ़वा चलने का बहाना बनाकर कमांडर वाहन से सीजो मोड़ तक लाया, वहां से पैदल जंगल ले जाकर गला दबाकर और पत्थर से मारकर उसकी हत्या कर दी और फिर थाने में जाकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवा दी थी. अभियोजन पक्ष ने आरोपी के बयान, सबूत और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट में आरोप साबित किया. कोर्ट ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए उम्रकैद और सश्रम कारावास की सजा दी.
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