खरौंधी. खरौंधी प्रखंड क्षेत्र के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में सोमवार से तीन दिवसीय भारतीय भाषा प्रोत्साहन शिविर की शुरुआत हुई. झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के निर्देशानुसार आयोजित इस शिविर के पहले दिन बच्चों ने खेल, योग, स्थानीय भाषा और सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया. फिटनेस कार्यक्रम के अंतर्गत योगाभ्यास, दौड़, रस्सी कूद और बैलेंस गेम जैसी गतिविधियां करायी गयीं. “मुझसे मेरा बचपन” कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने मिट्टी, पत्ते, बीज और अन्य स्थानीय सामग्री से पारंपरिक खिलौने बनाये. साथ ही नागपुरी, भोजपुरी, मगही सहित विभिन्न भाषाओं में संवाद प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा दिखायी. 20 को परंपरागत खेल व 21 को सांस्कृतिक कार्यक्रम दूसरे दिन, 20 मई को विद्यालयों में कबड्डी, खो-खो, गिल्ली-डंडा और रस्साकशी जैसे पारंपरिक खेलों का आयोजन होगा. साथ ही स्वच्छता अभियान और स्थानीय व्यंजनों से संबंधित गतिविधियां भी होंगी, जिससे बच्चों को खेलों के साथ-साथ स्वच्छता और भोजन संस्कृति की जानकारी मिलेगी. तीसरे दिन, 21 मई को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी. लोकगीत, लोकनृत्य, कविता पाठ, कहानी लेखन, चित्रकला और प्रतिभा प्रदर्शन जैसे आयोजन बच्चों को अपनी मातृभाषा, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ेंगे. शिक्षकों का मानना है कि इस शिविर से विद्यार्थियों में भारतीय भाषाओं और स्थानीय संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ेगी तथा आत्मविश्वास का विकास होगा.
भारतीय भाषा प्रोत्साहन शिविर में तीन दिनों तक होंगे खेल, संस्कृति और भाषा से जुड़े कार्यक्रम
खरौंधी प्रखंड क्षेत्र के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में सोमवार से तीन दिवसीय भारतीय भाषा प्रोत्साहन शिविर की शुरुआत हुई.
