प्रतिनिधि, केतार प्रखंड में शुक्रवार की रात हुई मूसलधार बारिश ने भारी तबाही मचायी. पंडा और ढढरा नदी में अचानक आयी बाढ़ से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा. बांसडीह कला गांव में पंडा नदी पर बने पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण शनिवार सुबह 8 बजे तक आवागमन बंद रहा. बारिश कम होने के बाद पुल के छोर पर बनी पीसीसी सड़क बह गई, जिससे करीब 300 घरों का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से कट गया. ढढरा नदी में आई बाढ़ से दासीपुर पुल के पास रखे वीरेंद्र बैठा की एक गुमटी और अवधेश बैठा की दो गुमटियां बह गयीं. गोरख साह के बैल और घोड़ा, बुधु साह के गाय-बैल, नंदू चेरो के बैल सहित लगभग 20 पालतू पशु बाढ़ की भेंट चढ़ गये. दासीपुर गांव के दशरथ साह और रमेश ठाकुर का घर ढह गया, जबकि खोन्हर गांव में धनंजय गुप्ता का घर क्षतिग्रस्त हुआ. पंडा नदी का पानी दिनेश राम के घर में चार फीट तक भर गया. समीप स्थित प्राथमिक विद्यालय चनवापर में भी पानी घुस गया. प्राथमिक विद्यालय बैगई में दो कमरों का फर्श धंस गया. अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सत्येंद्र नारायण सिंह, बीडीओ सह अंचलाधिकारी प्रशांत कुमार और थाना प्रभारी अरुण कुमार रवानी ने मौके पर पहुंचकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया. बीडीओ प्रशांत कुमार ने कहा कि क्षति का आकलन कर सरकारी नियमानुसार क्षतिपूर्ति दी जायेगी. 2016 में भी आयी थी बाढ़ग्रामीणों ने कहा कि जुलाई 2016 में भी प्रखंड में बाढ़ आयी थी. उस समय ढढरा नदी पर बने पुल का छोर बह गया था और कई घर व दुकानें तबाह हो गयी थीं. उसी समय से उच्च स्तरीय पुल की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक निर्माण नहीं हुआ. ग्रामीणों ने एक बार फिर उच्च स्तरीय पुल निर्माण और फसल क्षति का मुआवजा मांगा है. क्या बोले विधायक क्षेत्रीय विधायक अनंत प्रताप देव ने कहा कि मामले की जानकारी उपायुक्त को दी गयी है. जल्द ही बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा दिलाने और क्षतिग्रस्त सड़कों-पुलों की मरम्मत करायी जायेगी.
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