आखिर कैसे लिखी दोनों ने अपने ही पतियों के मर्डर का 'स्क्रिप्ट'
गढ़वा. जिले में जुलाई महीने के दौरान सामने आईं दो सनसनीखेज हत्या की घटनाओं ने समाज को झकझोर कर रख दिया है. पहली घटना रंका थाना क्षेत्र के बरवाही जंगल में 5 जुलाई को हुई, जबकि दूसरी वारदात 19 जुलाई को बड़गड़ के सालो जंगल में सामने आई. दोनों घटनाओं के स्थान भले ही अलग रहे, लेकिन अपराध की कहानी और तरीका लगभग एक जैसा रहा.
रिश्तों में बढ़ते अविश्वास की भयावह तस्वीर
दोनों मामलों में पति अपनी ससुराल से लौट रहा था. रास्ते में पहले से घात लगाए अपराधियों ने हमला किया और पुलिस जांच में दोनों हत्याओं की साजिश के पीछे मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी की भूमिका सामने आई. इन दोनों मामलों का बारीकी से अध्ययन करने पर यह महज दो हत्याओं का आंकड़ा नहीं, बल्कि दांपत्य जीवन में घटते विश्वास और सामाजिक ताने-बाने में बढ़ते अविश्वास की गंभीर तस्वीर पेश करता है.
केस 1 : रंका का बरवाही जंगल कांड, 5 जुलाई
छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज निवासी अस्पताल कर्मी श्रीकांत रवि को 5 जुलाई को उसकी पत्नी मनीषा देवी ने फोन कर चिनिया स्थित अपने मायके बुलाया था. रात में अपाची बाइक से लौटने के दौरान बरवाही जंगल के पास एक पिकअप चालक ने उसे वाहन से कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. बताया गया कि हत्या के लिए एक लाख रुपये की सुपारी दी गई थी.
शुरुआत में घटना को सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस जांच आगे बढ़ने पर मामले की परतें खुलती गईं. जांच में मनीषा देवी के अपने किरायेदार मोहम्मद हसन के साथ प्रेम संबंध होने की बात सामने आई. पुलिस के अनुसार, मनीषा उससे शादी करना चाहती थी और पति को रास्ते से हटाने के लिए हत्या की साजिश रची गई.
केस 2 : बड़गड़ का सालो जंगल कांड, 19 जुलाई
सिमडेगा निवासी शिक्षक दीपक कुजूर 19 जुलाई को रमकंडा के बरवा गांव स्थित अपनी ससुराल से लौट रहे थे. इसी दौरान सालो जंगल के पास अपराधियों ने उन्हें घेर लिया. गोली मारने के बाद गला रेतकर उनकी हत्या कर दी गई.
घटना के करीब 11 दिनों के भीतर गढ़वा पुलिस की एसआइटी ने मामले का खुलासा कर दिया. जांच में सामने आया कि दीपक की पत्नी का मेदिनीनगर निवासी मतीन अख्तर उर्फ मुन्ना खान के साथ शादी के बाद भी प्रेम संबंध जारी था. पुलिस के अनुसार, साथ रहने की राह में पति को बाधा मानते हुए उसे हटाने के लिए हत्या की खौफनाक साजिश रची गई थी.
दोनों मामलों में हैरान करने वाली समानताएं
ससुराल से जुड़ा बुलावा और रास्ते में घात. दोनों वारदातों में पीड़ित ससुराल से जुड़ा हुआ था और अपराधियों को उसके आने-जाने के रास्ते की पहले से जानकारी थी. अपराधियों ने सुनियोजित तरीके से रास्ते में घात लगाकर वारदात को अंजाम दिया.
पत्नी और प्रेमी की साठगांठ. दोनों मामलों में पुलिस जांच के अनुसार मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी की भूमिका सामने आई. शादी के बाद भी जारी प्रेम संबंध हत्या की साजिश की मुख्य वजह बनी.
हत्या को अलग-अलग रूप देने की कोशिश. रंका मामले में वाहन से कुचलकर हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया, जबकि बड़गड़ में सुनसान जंगल के रास्ते को वारदात के लिए चुना गया.
वैवाहिक संबंधों की मजबूती और पारिवारिक सुरक्षा
इन दोनों घटनाओं ने वैवाहिक संबंधों की मजबूती और पारिवारिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. ससुराल को जहां सुरक्षा, भरोसे और आत्मीयता का स्थान माना जाता है, वहीं उसी परिवार से जुड़े व्यक्ति की हत्या की साजिश सामने आना समाज के लिए चिंताजनक संकेत है.
ये भी पढ़ें: गढ़वा में हाई-प्रोफाइल हत्याकांड का खुलासा: झामुमो जिलाध्यक्ष की बेटी ने प्रेमी संग रची पति की हत्या की साजिश
सामाजिक ताने-बाने के लिए गंभीर चेतावनी
विशेषज्ञों के अनुसार, बदलती सामाजिक परिस्थितियों, रिश्तों में संवाद की कमी, भावनात्मक दूरी और विवाहेतर संबंधों जैसी परिस्थितियां कई बार गंभीर अपराधों का कारण बन सकती हैं. जिस रिश्ते की नींव जीवनभर साथ निभाने के भरोसे पर टिकी होती है, उसमें साजिश और सुपारी देकर हत्या जैसी प्रवृत्तियों का प्रवेश सामाजिक ताने-बाने के लिए गंभीर चेतावनी है.
गढ़वा पुलिस ने दोनों मामलों का त्वरित अनुसंधान कर हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली, लेकिन इन घटनाओं ने समाज के सामने रिश्तों में बढ़ते अविश्वास और उसके भयावह परिणामों को लेकर एक बड़ा सवाल छोड़ दिया है.
