एसआईआर में 325 मतदाताओं का गांव-पंचायत बदला, जनसुनवाई में पहुंची शिकायत

गढ़वा में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान 325 मतदाताओं के गांव और पंचायत बिना स्पष्ट कारण बताए बदल दिए गए. इस मामले को लेकर जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई गई है. उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं.

गढ़वा: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बीच मंगलवार को समाहरणालय में आयोजित जनसुनवाई में मतदाताओं का गांव और पंचायत बदल दिये जाने का मामला सामने आया. चिनिया प्रखंड के विलैतीखैर निवासी उमेश परहिया ने उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा के समक्ष शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने आरोप लगाया कि छतैलिया के 195 और राजबांस के 130 मतदाताओं को बिना स्पष्ट कारण बताये उनके मूल गांव और पंचायत से हटाकर दूसरे गांव और पंचायत से जोड़ दिया गया है.

सही आवेदन के बावजूद दूसरे मतदान क्षेत्र में किया गया शिफ्ट

शिकायतकर्ता ने बताया कि एसआईआर के दौरान संबंधित मतदाताओं ने अपना आवेदन सही तरीके से भरा था. इसके बावजूद नोटिस मिलने पर उन्हें जानकारी हुई कि उनका नाम मूल गांव और पंचायत के बजाय दूसरे मतदान क्षेत्र में शिफ्ट कर दिया गया है. इससे संबंधित मतदाताओं के बीच भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है. उमेश परहिया ने सवाल उठाया कि सत्यापन प्रक्रिया के दौरान इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं का स्थानांतरण किस आधार पर किया गया और इसकी जानकारी संबंधित मतदाताओं को पहले क्यों नहीं दी गई. उन्होंने सभी 325 मतदाताओं को उनके मूल गांव-पंचायत से जुड़े मतदान केंद्रों में वापस जोड़ने की मांग की. उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया.

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अबुआ आवास में अपात्रों को लाभ देने का आरोप

डंडई प्रखंड के सोनेहारा से ग्रामीण विकास योजनाओं में अनियमितता की शिकायत भी जनसुनवाई में पहुंची. नंददेव विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि अबुआ आवास योजना में पात्र परिवारों को लाभ देने के बजाय आर्थिक रूप से संपन्न और पक्के मकान वाले लोगों को योजना का लाभ दिया गया है. उन्होंने मनरेगा में फर्जी जॉब कार्ड और मास्टर रोल तैयार कर सरकारी राशि की निकासी का भी आरोप लगाया.

शिकायतकर्ता के अनुसार, जिन योजनाओं में मजदूरों को रोजगार मिलना चाहिए था, वहां जेसीबी से कूप, डोभा और बागवानी का काम कराया गया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन स्थलों का जियो टैग कराया गया, वहां मौके पर संबंधित योजनाएं मौजूद नहीं हैं. उन्होंने पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की.

खाते से बिना अनुमति पांच हजार रुपए निकाले

नगर ऊंटारी के कोलझीकी निवासी रमेश कुमार प्रजापति ने साइबर फ्रॉड की शिकायत की. उन्होंने बताया कि सितंबर में अलग-अलग तिथियों पर उनकी अनुमति के बिना बैंक खाते से करीब पांच हजार रुपए की निकासी कर ली गई. उन्होंने मामले की जांच कर राशि बरामद कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

कोयल नदी के कटाव में बह गई कृषि भूमि

मंझिआंव प्रखंड के खरसोता निवासी प्रयाग राम ने कोयल नदी में आई बाढ़ के दौरान कटाव से पूरी कृषि भूमि बह जाने की शिकायत की. उन्होंने बताया कि इसी जमीन से उनके परिवार का जीवनयाप

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राशन-पेंशन से लेकर मजदूरी तक के मामले पहुंचे

जनसुनवाई में राशन, पेंशन, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, आवास, मुआवजा, अतिक्रमण, रोजगार और बकाया मजदूरी समेत कई अन्य मामले भी पहुंचे. उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने फरियादियों की समस्याएं बारी-बारी से सुनीं और संबंधित पदाधिकारियों को मामलों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया. उन्होंने सभी विभागीय कार्यालय प्रधानों को आम लोगों की शिकायतों के प्रति संवेदनशील रहने और प्राप्त मामलों पर तत्परता से कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा.

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By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

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