33 साल बाद गढ़वा में बढ़ेगी पुलिस की पहुंच, 3 नये थाने और यातायात थाना का प्रस्ताव

गढ़वा जिले में पुलिस व्यवस्था का विस्तार होने वाला है. विश्रामपुर, मझिआंव और गढ़वा सदर के ग्रामीण इलाकों में नए पुलिस थाने खोले जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. इसके अलावा, जिला मुख्यालय में यातायात दबाव को देखते हुए एक अलग यातायात थाना खोलने का भी प्रस्ताव है.

गढ़वाः जिला बनने के 33 वर्षों बाद गढ़वा में पुलिसिंग व्यवस्था के विस्तार की पहल की गई है. बढ़ती आबादी, क्षेत्रफल और बदलती सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए जिले में तीन नए थाने खोलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. गढ़वा पुलिस ने प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय को भेज दिया है. इसके अलावा जिला मुख्यालय में अलग यातायात थाना खोलने का प्रस्ताव भी भेजा गया है. पुलिस मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

पुलिस के प्रस्ताव के अनुसार, रंका अनुमंडल के विश्रामपुर में नया थाना खोलने की योजना है. वहीं मझिआंव क्षेत्र में भी नया थाना प्रस्तावित किया गया है. इसके अलावा गढ़वा सदर थाना क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों को केंद्र में रखकर एक और नया थाना खोलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. इन तीन ग्रामीण थानों के अलावा जिला मुख्यालय में अलग यातायात थाना बनाने का प्रस्ताव है.

ग्रामीण इलाकों में बढ़ेगी पुलिस की पहुंच

जिले में आबादी बढ़ने के साथ थाना क्षेत्रों का दायरा भी बढ़ा है. कई ग्रामीण इलाकों से मौजूदा थाना मुख्यालय की दूरी अधिक होने के कारण पुलिसिंग में चुनौतियां सामने आती हैं. नए थानों के गठन से संबंधित क्षेत्रों में पुलिस की नियमित मौजूदगी बढ़ाने में मदद मिलेगी. इससे गश्त, अपराध नियंत्रण और घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई के साथ कानून-व्यवस्था की निगरानी भी बेहतर तरीके से की जा सकेगी.

एसपी आशुतोष शेखर ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था और क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नए थानों का प्रस्ताव तैयार किया गया है. जिन क्षेत्रों में पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है, वहां थाना स्थापित करने की दिशा में पहल की गई है. प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय को भेज दिया गया है.

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विश्रामपुर और मझिआंव में भी नया थाना

पुलिस के प्रस्ताव में रंका अनुमंडल के विश्रामपुर और मझिआंव क्षेत्र में नया थाना खोलने की बात कही गई है. इन क्षेत्रों में थाना बनने से पुलिस की पहुंच बढ़ेगी और घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने में लगने वाला समय कम करने में मदद मिलेगी. साथ ही मौजूदा थाना क्षेत्रों पर पड़ने वाला दबाव भी कम हो सकेगा. गढ़वा सदर क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों के लिए भी अलग थाना प्रस्तावित किया गया है. इससे सदर थाना क्षेत्र के ग्रामीण हिस्सों में पुलिसिंग को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप संचालित करने में सुविधा होगी.

जिला मुख्यालय में अलग यातायात थाना

गढ़वा जिला मुख्यालय में बढ़ता यातायात दबाव और जाम भी पुलिस के लिए चुनौती बनता जा रहा है. मुख्य बाजार समेत प्रमुख सड़कों पर वाहनों की संख्या बढ़ने से कई बार जाम की स्थिति बनती है. इसे देखते हुए जिला मुख्यालय में अलग यातायात थाना खोलने का प्रस्ताव दिया गया है. यातायात थाना बनने के बाद ट्रैफिक व्यवस्था के लिए अलग पुलिस टीम काम कर सकेगी. यातायात नियंत्रण, जाम वाले स्थानों की निगरानी, सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन पर विशेष ध्यान दिया जा सकेगा.

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33 साल बाद पुलिस व्यवस्था के विस्तार की पहल

गढ़वा के जिला बनने के 33 वर्षों बाद थाना स्तर पर पुलिस व्यवस्था के विस्तार का प्रस्ताव तैयार किया गया है. विश्रामपुर, मझिआंव और गढ़वा सदर क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में नये थाने तथा जिला मुख्यालय में यातायात थाना खोलने की योजना है. अब इन प्रस्तावों पर पुलिस मुख्यालय की मंजूरी का इंतजार है.

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By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

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