रक्षाबंधन से पहले गढ़वा में फिर मंडराया मिलावटी मिठाइयों का खतरा, प्रशासन ने शुरू की जांच

रक्षाबंधन के मौके पर गढ़वा में मिलावटी मिठाइयों और पनीर की बिक्री की आशंका बढ़ी। मिठाई खरीदते समय रखें विशेष सावधानी, प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी नजरें।

गढ़वा: रक्षाबंधन के त्योहार में अब महज दो दिन शेष हैं. त्योहार को लेकर गढ़वा जिला मुख्यालय समेत आसपास के बाजारों में मिठाइयों की दुकानें सजने लगी हैं. मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ ही मिलावट का खतरा भी बढ़ गया है. बाजार में कई तरह की मिठाइयों के साथ-साथ मिलावटी पनीर और खोआ की आपूर्ति की भी चर्चा है. ऐसे में त्योहार पर मिठाई खरीदने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.

छत्तीसगढ़, बिहार और उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे होने के कारण गढ़वा का बाजार काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. त्योहारों के दौरान जिले में मिठाइयों का कारोबार करोड़ों रुपये तक पहुंचता है. बताया जाता है कि कुछ प्रतिष्ठित दुकानों को छोड़ दें तो कई स्थानों पर बाहर से मिठाइयों की बड़ी खेप मंगाकर खपाई जाती है. इन मिठाइयों की गुणवत्ता और निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं.

पिछले वर्ष हुई थी बड़ी कार्रवाई

मिलावटी और नकली मिठाइयों के खिलाफ पिछले वर्ष तत्कालीन एसडीएम संजय कुमार के नेतृत्व में व्यापक कार्रवाई की गयी थी. अगस्त 2025 में बड़ी मात्रा में मिलावटी मिठाइयां जब्त की गयी थीं और कई कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गयी थी. कार्रवाई के बाद मिलावटखोरों में हड़कंप मचा था. हालांकि, अब रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही एक बार फिर मिलावटी मिठाइयों की बिक्री की आशंका बढ़ गयी है. ऐसे में लोगों की नजर अब प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई पर टिकी है.

डेहरी, सासाराम और वाराणसी से पहुंचती हैं मिठाइयों की खेप

जानकारी के अनुसार गढ़वा में बिहार के डेहरी ऑन सोन, सासाराम, औरंगाबाद तथा उत्तर प्रदेश के वाराणसी समेत अन्य शहरों से मिठाइयों की खेप पहुंचती है. शहर में कुछ थोक विक्रेताओं के माध्यम से इन मिठाइयों को जिला मुख्यालय के अलावा विभिन्न प्रखंडों में स्थित होटल और मिठाई दुकानों तक पहुंचाये जाने की बात कही जाती है. इनमें छेना रसगुल्ला, पेड़ा, बर्फी, केक समेत कई प्रकार की मिठाइयां शामिल हैं. त्योहार के समय इनकी खपत काफी बढ़ जाती है.

बड़ी मात्रा में गढ़वा पहुंचता है मिलावटी पनीर और खोआ

मिठाइयों के अलावा गढ़वा में मिलावटी पनीर और खोआ की आपूर्ति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में पनीर और खोआ की खेप पहुंचती है, जिसकी आपूर्ति शहर के कई होटलों और दुकानों में किये जाने की बात सामने आती है.

वहीं, आरोप है कि कई लोग बाइक से घूम-घूमकर शहर के विभिन्न मोहल्लों में पनीर की बिक्री करते हैं. बताया जाता है कि बाजार में जहां असली पनीर की कीमत करीब 450 रुपये प्रति किलो है, वहीं घूम-घूमकर पनीर बेचने वाले इसे 200 से 250 रुपये प्रति किलो की दर से बेचते हैं. कीमत में इतने बड़े अंतर के कारण इसकी गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि के लिए खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच कराना जरूरी है. मंगलवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नहर के कई दुकानों से सैंपल लिये हैं.

मिठाइयों की खरीदारी में सावधानी बरतें ग्राहक

रक्षाबंधन पर मिठाई खरीदते समय ग्राहकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. खुले में रखी, अत्यधिक चमकीली या असामान्य रंग वाली मिठाइयों को खरीदने से बचना चाहिए. खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी दीप श्री का कहना है कि संभव हो तो मिठाई की खरीदारी प्रतिष्ठित और विश्वसनीय दुकानों से ही करें तथा बिल जरूर लें. मिठाई की गुणवत्ता या उसमें मिलावट का संदेह होने पर संबंधित विभाग को इसकी सूचना दी जा सकती है.

उन्होंने कहा कि ग्राहकों की जागरूकता के साथ-साथ विभाग नियमित रूप से मिलावट के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई कर रहा है.

मंगलवार की प्रशासनिक कार्रवाई : किस प्रतिष्ठान पर क्या हुई कार्रवाई

ग्वावल स्वीट्स: फ्रीजर से 5 किलोग्राम सड़ी-गली मिठाइयां जब्त कर मौके पर नष्ट करायी गयीं तथा संदिग्ध सैंपल सील किया गया.

मां जगदंबा स्वीट्स: फ्रीजर में रखी 3 किलोग्राम खराब व दूषित मिठाई नष्ट करायी गयी.

आकाशगंगा होटल (दानरो नदी के पास): भारी गंदगी, जलजमाव व अस्वास्थ्यकर माहौल पाए जाने पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया और छेना रसगुल्ला का सैंपल लिया गया.

न्यू प्लाजा होटल: जलेबी में तय मानक से अधिक कृत्रिम रंग का प्रयोग पाया गया. रसमलाई का नमूना जांच के लिए भेजा गया.

प्रकाश स्वीट्स व बसंती मिठाई (रंका मोड़): निरीक्षण में स्थितियां मानकों के अनुकूल पायी गयीं.


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By Avinash singh

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