गढ़वा में ‘आपन सरस्वतिया अभियान’ तेज, नदी गंदा करने वाले लोगों और प्रतिष्ठान पर होगी कार्रवाई

Garhwa News : झारखंड के गढ़वा जिले में सरस्वतिया नदी को स्वच्छ और अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. नदी में गंदगी फैलाने वाले लोगों और प्रतिष्ठानों की पहचान कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है. पूरी खबर नीचे पढ़ें.

गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट 

Garhwa News : गढ़वा की जीवनदायिनी सरस्वतिया नदी को प्रदूषण और अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने अधिकारियों की टीम के साथ सरस्वतिया नदी क्षेत्र का संयुक्त स्थल निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान नदी की सफाई, डी-सिल्टिंग, अतिक्रमण मुक्ति और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कई निर्देश दिए गए.

नदी प्रदूषित करने वाले 13 लोगों पर गिरेगी गाज

​अभियान के तहत नदी में गंदगी और अपशिष्ट बहाने वालों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है.गढ़वा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार ने एसडीएम को रिपोर्ट सौंपी है कि चेतावनी के बाद भी कुछ लोग नदी को गंदा कर रहे हैं. ऐसे 13 व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.​

कार्रवाई के दायरे में आए नाम

​प्रतिष्ठान:- जेपीएस स्कूल, आदर्श होटल, काजू पटवा का मिठाई गोदाम,​ अन्य नाम: -साजदा खातून, इसरार खान, नरेश बघेल, विंध्याचल कुंवर, संजय राम, रामचंद्र केसरी, बबलू सिंह, बबलू केसरी, कुंदन रजक और सुरेंद्र राम. 

नदी गंदा करने वालों पर होगी कार्रवाई

एसडीएम संजय कुमार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सरस्वतिया नदी को प्रदूषित करने, उसमें गंदगी बहाने या सफाई अभियान में बाधा डालने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने आम लोगों से भी नदी को साफ रखने में सहयोग करने और प्रदूषण फैलाने वालों की सूचना प्रशासन को देने की अपील की. 

10 जून के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई

एसडीएम ने बताया कि सरस्वतिया नदी से अतिक्रमण हटाने की कानूनी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है. मामलों की सुनवाई के लिए अगली तारीख 10 जून निर्धारित की गई है. सुनवाई पूरी होने के बाद नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी. वहीं, अंचलाधिकारी सफी आलम ने बताया कि 88 लोगों को जारी नोटिस के बाद अधिकांश लोगों ने खुद अतिक्रमण हटा लिया है, जबकि शेष मामलों में कानूनी कार्रवाई जारी है. 

दोबारा अतिक्रमण रोकने के लिए लगेंगे पिलर

भविष्य में नदी पर दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए प्रशासन ने विशेष योजना बनाई है. एसडीएम ने जलपथ प्रमंडल को निर्देश दिया है कि अतिक्रमण मुक्त कराए गए क्षेत्रों में निर्धारित दूरी पर पिलर लगाकर नदी की सीमा तय की जाए. जलपथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता नवीन माहली ने आश्वस्त किया कि जैसे-जैसे नदी के हिस्से सीमांकित  होते जाएंगे, विभाग तुरंत वहां पिलर गाड़ने का काम पूरा करता जाएगा. ​इस संयुक्त निरीक्षण और  बैठक में एसडीएम संजय कुमार के साथ सीओ सफी आलम, कार्यपालक अभियंता नवीन माहली और नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार मुख्य रूप से शामिल थे.

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लेखक के बारे में

By Priya gupta

प्रिया गुप्ता पिछले एक साल से प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. फिलहाल वह झारखंड से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं, जिनमें सरकारी योजनाएं, प्रमुख घटनाएं, सामाजिक मुद्दे और अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल डेस्क पर फैशन, हेल्थ, रिलेशनशिप, पैरेंटिंग और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं. प्रिया ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से स्नातक और अमिटी यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की है.

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