श्री वंशीधर नगर से गौरव पांडेय की रिपोर्ट
Garhwa News: गढ़वा शहर के पुरनानगर स्थित राजा पहाड़ी शिव मंदिर परिसर इन दिनों एक बड़े विवाद के केंद्र में है. मंदिर परिसर में वाहनों और दुकानों से चंदे के नाम पर हो रही कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है. अंचल पदाधिकारी द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी को सौंपी गई जांच रिपोर्ट के बाद पूरे प्रशासनिक और सामाजिक हलके में हड़कंप मच गया है.
वाहनों से की जा रही थी वसूली
जांच प्रतिवेदन में एक नहीं, बल्कि कई गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं को उजागर किया गया है. जांच रिपोर्ट में जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, वह मंदिर के राजस्व से जुड़ा है. रिपोर्ट के मुताबिक मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर कुछ लोगों द्वारा आने-जाने वाले वाहनों से जबरन शुल्क वसूला जा रहा है. यह राशि मंदिर प्रबंधन समिति के अधिकृत खाते में जाने के बजाय, कुछ खास व्यक्तियों के निजी बैंक खातों के स्कैनर (क्यू आर कोड) के माध्यम से सीधे उनके पर्सनल अकाउंट में ट्रांसफर हो रही थी. श्रद्धालुओं-स्थानीय लोगों द्वारा श्रद्धा से दिया गया चंदा भी मंदिर समिति के खाते में जमा न होकर व्यक्तिगत जेबों में जा रहा था.
सरकारी जमीन पर बालू-गिट्टी का अवैध कारोबार
वित्तीय हेरफेर के अलावा, मंदिर की सुरक्षा और मर्यादा को ताक पर रखकर वहां अवैध व्यापार भी चलाया जा रहा था.जांच में पाया गया कि मंदिर के मुख्य गेट के पास स्थित सरकारी (गैर-मजरुआ) भूमि का अवैध इस्तेमाल हो रहा है.वहां बिना किसी वैध माइनिंग या भंडारण अनुमति के भारी मात्रा में बालू और गिट्टी स्टॉक करके ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा था. इस अवैध धंधे के लिए संबंधित विभाग से कोई माइनिंग चालान या अनुमति नहीं ली गई है.जांच रिपोर्ट में साफ किया गया है कि पुरनानगर स्थित यह ऐतिहासिक मंदिर श्री बंशीधर नगर नगर पंचायत के अधिकार क्षेत्र में आता है.
कार्रवाई की मांग
इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए नगर पंचायत प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी ओर से किसी भी व्यक्ति या संस्था को वाहन शुल्क या दुकानों से किराया वसूलने के लिए कोई अधिकार नहीं दिया गया है. यानी मंदिर परिसर में जो कुछ भी हो रहा था, वह पूरी तरह गैरकानूनी था. गढ़वा जिले के इस प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थल पर हुए इस बड़े खेल के खुलासे के बाद स्थानीय जनता और शिवभक्तों में काफी आक्रोश है. अब क्षेत्र के लोगों की नजरें अनुमंडल प्रशासन की अगली बड़ी कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस अवैध वसूली और सिंडिकेट में शामिल चेहरों पर क्या कानूनी गाज गिरती है.
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