छात्र आंदोलन की आंच में सुलग रही गढ़वा की सियासत: सोशल मीडिया पर भिड़े पूर्व व वर्तमान विधायक

गढ़वा में छात्र आंदोलन के बीच पूर्व और वर्तमान विधायकों के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बयानबाजी से सियासी पारा चढ़ा। जानें क्या है पूरा मामला।

गढ़वा. छात्र आंदोलन की चिंगारी अब महज सड़कों और धरना स्थलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने झारखंड की राजनीति में भी भारी उबाल ला दिया है. पुतला दहन और कार्यकर्ताओं के बीच हुई तीखी झड़पों के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक तल्खी चरम पर पहुंच गई है. इस पूरे सियासी घमासान का सबसे प्रत्यक्ष और तीखा असर गढ़वा जिले में साफ-साफ दिखाई दे रहा है, जहां सोशल मीडिया के मंच पर नेताओं के बीच एक-दूसरे पर जमकर ज़ुबानी तीर और तंज कसे जा रहे हैं.

वर्तमान और पूर्व विधायक के बीच सोशल मीडिया वार

भवनाथपुर के वर्तमान विधायक अनंत प्रताप देव और पूर्व मंत्री सह पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही के बीच शुरू हुआ सोशल मीडिया वार अब जिले में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन चुका है. विधायक अनंत प्रताप देव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से बेहद तल्ख लहजे में पोस्ट करते हुए लिखा "भवनाथपुर विधानसभा सहित पूरे झारखंड राज्य को कलंकित करने वाले महामानव. एक दिन आपकी जगह वहीं है. करनामा आपका चर्चित है लोग भूले नहीं है."

राजा साहब के तंज पर राजसी अंदाज में जवाब

इस सीधे हमले पर चुटकी लेने और पलटवार करने में भानु प्रताप शाही ने भी तनिक देर नहीं लगाई. उन्होंने राजा साहब के तंज पर राजसी अंदाज में ही जवाब देते हुए लिखा "आराम से राजा जी, प्रेस कांफ्रेंस में आहिस्ता बोलते हैं कहीं प्रेसर में नस फट गया तो लोग बोलेगा भानु जी के चलते ऐसा हुआ, आराम से थोड़ा."

बयानबाजी और कमेंट वॉर का दौर तेज

सोशल मीडिया पर दोनों ओर से हुई इस पोस्टबाजी के बाद समर्थकों के बीच भी बयानबाजी और कमेंट वॉर का दौर तेज हो चुका है.दरअसल, इस पूरे घटनाक्रम में गढ़वा जिला सियासत का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु बनकर उभरा है. भाजपा की तरफ से पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही जहां छात्र आंदोलन के पहले ही दिन से लीड रोल में नजर आ रहे हैं और लगातार राज्य सरकार की घेराबंदी कर रहे हैं.

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पूर्व मंत्री मिथिलेश की एंट्री से बढ़ा पारा

वहीं अब सत्ताधारी दल की ओर से पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने भी मोर्चे पर सीधी एंट्री मार ली है. मैदान में मिथिलेश ठाकुर के उतरते ही भवनाथपुर विधायक अनंत प्रताप देव भी पूरी मुस्तैदी से उनका साथ निभाते हुए विपक्ष पर हमलावर दिख रहे हैं.दिलचस्प बात यह है कि मिथिलेश ठाकुर और भानु प्रताप शाही, दोनों का ही गृह व राजनीतिक क्षेत्र गढ़वा जिला है. यद्यपि ये दोनों ही दिग्गज नेता 2024 के विधानसभा चुनाव में शिकस्त खा गए थे, लेकिन अगर बात जमीनी व राजनीतिक सक्रियता की हो, तो आज भी दोनों नेता अपने-अपने क्षेत्रों पूरी तरह भारी पड़ते नजर आ रहे हैं. यही वजह है कि छात्र आंदोलन की आंच अब केवल राजधानी रांची तक सीमित न रहकर गढ़वा के सुदूर इलाकों तक महसूस की जा रही है, जिससे जिले का सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है.


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लेखक के बारे में

By विकाश नाथ

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

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