मेराल से संजय तिवारी की रिपोर्ट
Garhwa News: एनएच 39 सड़क निर्माण कार्य में जुटी कंपनी एमजी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के अकललवानी स्थित कैंप में रविवार की रात भीषण आग लग गई. इस अग्निकांड में कंपनी के ‘ए बी सी ‘ ब्लॉक के तीन बैरक पूरी तरह जलकर राख हो गए. प्रारंभिक मूल्यांकन के अनुसार, इस हादसे में कंपनी और मजदूरों की कुल मिलाकर एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ है.
मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, घटना शनिवार की रात लगभग 9:30 बजे की है. बैरकों में अचानक आग की लपटें उठते ही कैंप में अफरा-तफरी मच गई. 120 कमरों वाली इन बैरकों में करीब 200 मजदूरों के रहने की क्षमता थी. जिस वक्त आग लगी मजदूर भीतर ही थे लपटें देख वे जान बचाकर बाहर भागे. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आंधी-तूफान के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया. अल्बेस्टर और फाइबर के बीच लगे फोम ने आग में घी का काम किया.
मजदूरों का सब कुछ जलकर खाक
इस हादसे में मजदूरों का सब कुछ लुट गया है. बैरकों में रखे कूलर, पंखे, 200 कर्मियों के कपड़े, दैनिक उपयोग के सामान, नकदी, ड्राइविंग लाइसेंस, आई-कार्ड और बैग सहित अन्य जरूरी दस्तावेज जलकर राख हो गए. मजदूरों ने बताया कि स्थिति ऐसी है कि उनके पास नहाने के बाद बदलने के लिए कपड़े तक नहीं बचे हैं. कंपनी के जनसंपर्क पदाधिकारी संजीव कुमार मिश्रा व अन्य कर्मियों ने बताया कि कैंप में रखे अग्निशमन के सैकड़ों सिलेंडर भी इस भीषण आग के सामने नाकाफी साबित हुए.
दमकल और पुलिस की टीम पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही मेराल थाना प्रभारी विष्णु कांत दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे. दमकल विभाग की टीम ने स्थानीय पुलिस और कंपनी के मजदूरों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. समय रहते कार्रवाई होने से बगल के अन्य बैरक आंधी के बावजूद सुरक्षित बचा लिए गए, अन्यथा नुकसान और भी बड़ा हो सकता था.
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
कंपनी के वरीय अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि आग लगने का मुख्य कारण बिजली शॉर्ट सर्किट प्रतीत होता है. प्रारंभिक जांच में एक करोड़ से अधिक के नुकसान का अनुमान है. मजदूरों के रहने और उनके जरूरी सामान की तत्काल व्यवस्था कर रहे हैं.इस घटना से सड़क निर्माण कार्य की गति पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा.
कर्मियों ने दिखाया साहस
मौके पर संजीव कुमार मिश्रा, संजीव कुमार पांडे, इलेक्ट्रीशियन अरुण राम, ड्राइवर श्रीपाल, मृत्युंजय, विद्याराम, सुपरवाइजर अनिल सिंह, ऑपरेटर अर्जुन राम और अमरदीप सहित कई अन्य कर्मियों ने बचाव कार्य में साहस दिखाया.
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