गढ़वा : वार्ड चार में 23.80 लाख की नाली निर्माण पर उठे सवाल, जांच की मांग

मझिआंव में 23.80 लाख की लागत से बनी नाली की गुणवत्ता पर वार्ड सदस्य ने सवाल उठाए हैं. स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांग की गई है. जानें पूरा मामला.

मझिआंव. मझिआंव नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड नंबर-4 में करीब 23,80,200 रुपये की लागत से बनी नाली की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं. वार्ड सदस्य गीता सिंह ने इस मामले में स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांग की है. यह नाली मझिआंव-सुंडीपुर रोड पर मनोज सिंह के घर से जितेंद्र सिंह के घर के पास तीनमुहान तक लगभग 900 फीट लंबी तीन हिस्सों में बनायी गयी है.

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मनोज सिंह के घर से आयांश आइसक्रीम तक बनी नाली में करीब एक फीट पानी जमा रहता है. वहीं इससे आगे राधाकृष्ण गर्ल्स स्कूल गेट के आगे तक नाली को निर्धारित लेवल से करीब एक फीट नीचे बना दिया गया है. इससे आगे के हिस्से में जल निकासी प्रभावित हो रही है और दुकानों के आसपास जलजमाव की स्थिति बन रही है.

वार्ड सदस्य ने निर्माण में सीमेंट, बालू, गिट्टी की मात्रा, सरिया की स्पेसिंग व बाइंडिंग तथा आरसीसी स्लैब की गुणवत्ता की जांच की मांग की है. उन्होंने कार्यपालक पदाधिकारी शैलेश कुमार से कनीय अभियंता के माध्यम से स्थल निरीक्षण, मापी और मेजरमेंट बुक की जांच कराने का आग्रह किया है.

कमियां मिलने पर सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की है. इस संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी शैलेश कुमार ने कहा कि आवेदन उन्हें प्राप्त हुआ है. इसकी जांच कराई जाएगी और गुणवत्ता की जांच कर न्यायोचित कार्रवाई की जायेगी.

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By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

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