कुपोषण और समाज कल्याण योजनाओं का कागजी आंकड़ों और जमीनी हकीकत का डीसी ने किया पड़ताल

गढ़वा उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने कुपोषण और समाज कल्याण योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण और लाभार्थियों के सत्यापन के निर्देश दिए।

गढ़वा: जिला प्रशासन ने दूर-दराज के क्षेत्रों तक समाज कल्याण योजनाओं का लाभ पहुंचाने और कुपोषण के खिलाफ जंग को तेज करने के उद्देश्य से प्रशासनिक कसावट बढ़ा दी है.उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक केवल कागजी आंकड़ों का मिलान साबित नहीं हुई, बल्कि इसमें धरातल पर जारी योजनाओं की जमीनी हकीकत की गहन पड़ताल की गई.

बैठक का विषय पोषण सेवाओं और लाभार्थियों का सत्यापन

समाहरणालय में आयोजित इस बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अर्चना सिन्हा, जिले के सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी और महिला पर्यवेक्षक मुख्य रूप से मौजूद रहे.समीक्षा के दौरान सबसे प्रमुख मुद्दा पोषण सेवाओं की गुणवत्ता और लाभार्थियों के सत्यापन का रहा.

उपायुक्त ने पोषण ट्रैकर में दर्ज आंकड़ों का किया विश्लेषण

उपायुक्त ने पोषण ट्रैकर में दर्ज विभिन्न आंकड़ों का बारीकी से विश्लेषण किया और निर्देश दिया कि सभी पात्र लाभार्थियों का एफआरएस (फेस रिक्कोनाइज सिस्टम) शत-प्रतिशत पूरा किया जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन और बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुरूप हॉट कुक्ड मील उपलब्ध कराना प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.बैठक में कुपोषण उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे 'सामर' कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान एक गंभीर बात सामने आई.

उपायुक्त ने दिया री-वेरिफिकेशन का आदेश

जिले के कई क्षेत्रों से पिछले छह महीनों में गंभीर और मध्यम कुपोषित बच्चों की स्थिति को लेकर कोई नई रिपोर्टिंग दर्ज नहीं की गई थी. इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए उपायुक्त ने ऐसे सभी मामलों का तत्काल री-वेरिफिकेशन कराने का आदेश दिया, ताकि बच्चों की वास्तविक पोषण स्थिति का सटीक पता लगाकर उन्हें समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवा से जोड़ा जा सके.

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मातृ वंदना योजना के तहत लंबित आवेदनों की समीक्षा

वहीं दूसरी ओर, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत विभिन्न स्तरों पर लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए डीसी ने प्राथमिकता के आधार पर फाइलों के निपटारे का निर्देश दिया. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राज्य सरकार द्वारा तय लक्ष्यों को तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए. बैठक के अंत में उपायुक्त ने सख्त संदेश दिया कि "योग्य नागरिक योजना से छूटे नहीं और कोई अयोग्य व्यक्ति शामिल न हो ". उन्होंने अधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण और आंगनबाड़ी केंद्रों के निरंतर निरीक्षण का स्पष्ट आदेश दिया.


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By Avinash singh

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