अविनाश सिंह
Garhwa: शहीद नीलांबर-पीतांबर उत्तरी कोयल परियोजना (मंडल डैम) के बचे हुए कार्यों को गति देने के लिए सोमवार को समाहरणालय सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त अनन्य मित्तल ने स्पष्ट किया कि विस्थापितों का बेहतर पुनर्वास और उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुनर्वास स्थलों पर चल रहे निर्माण कार्यों को जल्द धरातल पर उतारें.
338 लाभार्थियों के खाते में भुगतान के लिए पे-आईडी तैयार
उपायुक्त ने रंका अंचल के विश्रामपुर और रमकंडा अंचल के बलिगढ़ में चिन्हित पुनर्वास स्थलों पर समतलीकरण, सड़क, सिंचाई, पेयजल, आंगनबाड़ी केंद्र, बिजली, पूजा स्थल और धुमकुड़िया भवन जैसी सुविधाओं को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि आगामी बैठक तक सभी संरचनाओं का डीपीआर तैयार कर अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. बैठक में मुआवजा वितरण की समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुल 338 लाभार्थियों के खाते में राशि भुगतान के लिए पे-आईडी क्रिएट कर दी गई है.
12 में से 10 गेट तैयार
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि अगली बैठक से पहले इन सभी परिवारों को शत-प्रतिशत मुआवजा राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए. साथ ही वन अधिकार समिति की स्वीकृति और लैंड डायवर्शन के कार्यों को भी समय पर पूरा करने को कहा गया. परियोजना की प्रगति की जानकारी देते हुए संबंधित अधिकारियों ने बताया कि डैम के 12 में से 10 गेट तैयार हो चुके हैं और उनका निरीक्षण कर उन्हें बांध स्थल पर पहुंचा दिया गया है. शेष 2 गेटों की उपलब्धता और पिकेट निर्माण का कार्य प्रक्रियाधीन है, जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा.
बैठक में ये लोग थे मौजूद
समीक्षा बैठक में गढ़वा एसपी आशुतोष शेखर, पलामू टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जेना, वन प्रमंडल पदाधिकारी (उत्तरी) अंशुमान, वन प्रमंडल पदाधिकारी (दक्षिणी) ईबी अब्राहम, अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, अभियान एसपी आरडी बड़ाइक, गढ़वा एसडीओ संजय कुमार, रंका एसडीओ रुद्र प्रताप, जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश सहित विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता, बीडीओ और सीओ मौजूद थे.
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