गढ़वा: गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र के सहिजना वार्ड नंबर 11 में 52 लाख रुपये की लागत से बनने वाला दो मंजिला आयुष्मान आरोग्य मंदिर अतिक्रमण के कारण अधर में फंस गया है. अस्पताल भवन के निर्माण के लिए चिह्नित सरकारी जमीन पर कथित रूप से अतिक्रमण कर चारदीवारी खड़ी किए जाने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है. निर्माण से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन स्थल पर जमीन की उपलब्धता को लेकर तकनीकी समस्या उत्पन्न हो गयी है.
कनीय अभियंता व वार्ड पार्षद ने किया स्थल निरीक्षण
सोमवार को आयुष्मान आरोग्य मंदिर के निर्माण को लेकर नगर परिषद के कनीय अभियंता संदीप कुमार, वार्ड नंबर 11 की पार्षद सत्यवती देवी, पार्षद प्रतिनिधि अखिलेश तिवारी, वार्ड नंबर 13 के पार्षद उमेश मेहता, समाजसेवी उमेश कश्यप, सूर्य प्रकाश सिंह सहित अन्य लोगों ने डीहवार स्थान के समीप स्थल का निरीक्षण किया.
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि प्रस्तावित भवन की जमीन के आसपास सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर करीब 11 फीट से 24 फीट तक चारदीवारी खड़ी कर दी गयी है. इसके कारण भवन निर्माण के लिए निर्धारित भूमि कम पड़ रही है और निर्माण कार्य में तकनीकी बाधा उत्पन्न हो रही है.
अतिक्रमण हटने के बाद ही शुरू होगा निर्माण : जेई
नगर परिषद के कनीय अभियंता संदीप कुमार ने बताया कि प्रस्तावित भवन स्थल के आसपास पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध है, लेकिन दोनों तरफ अवैध रूप से चारदीवारी खड़ी कर दिए जाने के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है. उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटने के बाद ही आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निर्माण संभव हो सकेगा. मामले से नगर परिषद प्रबंधन को अवगत करा दिया गया है. साथ ही सरकारी अमीन को स्थल की मापी के लिए भी सूचित किया गया है.
60 फीट की सड़क अतिक्रमण के कारण हुई संकरी
मौके पर मौजूद वार्ड नंबर 11 के पार्षद प्रतिनिधि अखिलेश तिवारी और वार्ड नंबर 13 के पार्षद उमेश मेहता ने बताया कि सहिजना बांध की सड़क की मूल चौड़ाई करीब 60 फीट है. लेकिन हनुमान नगर मोड़ से डीहवार स्थान तक कई जगहों पर सरकारी जमीन पर चारदीवारी खड़ी कर अतिक्रमण कर लिया गया है. इससे करीब 40 फीट तक सड़क का हिस्सा प्रभावित होने के कारण सड़क काफी संकरी हो गयी है.
उन्होंने कहा कि सहिजना में प्रस्तावित आयुष्मान आरोग्य मंदिर वार्ड नंबर 11 और 13 सहित आसपास के लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा. यहां अस्पताल बनने से स्थानीय लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी. जनहित को देखते हुए निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने के लिए अतिक्रमण हटाना जरूरी है. इसे लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की ओर से प्रयास जारी है.
