प्रतिनिधि, गढ़वा किसानों को समय पर उचित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी तथा जमाखोरी रोकने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने जिलेभर में सघन जांच अभियान चलाया. उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी अनन्य मित्तल के निर्देश पर जॉइंट इनफोर्समेंट टीम ने विभिन्न प्रखंडों में उर्वरक दुकानों की जांच की. जिला कृषि पदाधिकारी खुशबू पासवान ने बताया कि अभियान के दौरान करीब 74 उर्वरक प्रतिष्ठानों की जांच की गई और 16 प्रतिष्ठानों में विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं सामने आयीं. संबंधित दुकानदारों को स्पष्टीकरण देने का निर्देश जारी किया गया है. प्रशासन ने सभी संबंधित प्रतिष्ठानों को 24 घंटे के भीतर अपने अभिलेख और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का निर्देश दिया है. निरीक्षण के दौरान स्टॉक पंजी, वितरण पंजी, लाइसेंस, पॉस मशीन तथा सूचना पट्ट की स्थिति की गहन समीक्षा की गयी. इसके अलावा पॉस मशीन में दर्ज उर्वरक की मात्रा और वास्तविक भंडारण में समानता बनाए रखने का निर्देश दिया गया. टीम ने सभी विक्रेताओं को केवल पॉस मशीन के माध्यम से उर्वरक बिक्री करने का निर्देश दिया, ताकि वितरण प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों की रक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. उर्वरकों की कालाबाजारी, कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने और अनियमित वितरण करने वालों के खिलाफ निगरानी और सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी. प्रशासन नियमित जांच और छापेमारी अभियान के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा.
उर्वरक दुकानों की जांच में 16 प्रतिष्ठानों में मिली गड़बड़ी
उर्वरक दुकानों की जांच में 16 प्रतिष्ठानों में मिली गड़बड़ी
