पीएम मोदी की अपील पर गढ़वा में अनूठी पहल, डॉ पातंजलि केशरी ने चलाई साइकिल

Garhwa News: गढ़वा में भाजपा नेता और चिकित्सक डॉ पातंजलि केशरी ने पीएम नरेंद्र मोदी की ऊर्जा संरक्षण अपील पर साइकिल चलाकर लोगों को जागरूक किया. उन्होंने पेट्रोल-डीजल बचत, सार्वजनिक परिवहन, इलेक्ट्रिक वाहन और पर्यावरण संरक्षण को अपनाने की अपील की है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

गढ़वा से अविनाश सिंह की रिपोर्ट

Garhwa News: वैश्विक स्तर पर बढ़ते ऊर्जा संकट और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती खपत के बीच गढ़वा में एक अनूठी पहल देखने को मिली है. भाजपा नेता सह प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ पातंजलि केशरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा संरक्षण अपील को अपनाते हुए साइकिल चलाकर लोगों को जागरूक करने का अभियान शुरू किया है. डॉ पातंजलि केशरी अब अपने घर से क्लीनिक और अस्पताल तक का सफर साइकिल से तय कर रहे हैं. उनका कहना है कि यह केवल प्रतीकात्मक पहल नहीं, बल्कि आने वाले समय के लिए जरूरी संदेश है.

वैश्विक हालात को लेकर जताई चिंता

डॉ केशरी ने कहा कि वर्तमान में होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच जारी विवाद के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार अस्थिर हो गया है. इसका असर आने वाले दिनों में ईंधन आपूर्ति और कीमतों पर भी पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए भविष्य में पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत उत्पन्न हो सकती है. ऐसे समय में हर नागरिक की जिम्मेदारी बनती है कि वह ऊर्जा संरक्षण को गंभीरता से ले.

पीएम मोदी के संदेश को बताया प्रेरणादायक

डॉ केशरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वयं उदाहरण प्रस्तुत किया है. उन्होंने अपने काफिले में वाहनों की संख्या में 50 प्रतिशत तक कटौती कर देशवासियों को ऊर्जा बचत का संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि जब देश का प्रधानमंत्री खुद बचत और संयम का पालन कर सकता है, तो आम नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए. उनका मानना है कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव कर देश ऊर्जा संकट से काफी हद तक निपट सकता है.

साइकिल से मिलेगा स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को लाभ

डॉ पातंजलि केशरी ने कहा कि साइकिल चलाने से केवल ईंधन की बचत ही नहीं होती, बल्कि इससे स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलती है. उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते प्रदूषण और धुएं के कारण लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है. यदि लोग छोटी दूरी के लिए साइकिल या पैदल चलने की आदत अपनाएं, तो इससे प्रदूषण कम होगा और लोगों का शारीरिक स्वास्थ्य भी सुधरेगा. उन्होंने गढ़वा के लोगों से अपील की कि जब तक वैश्विक हालात सामान्य नहीं हो जाते, तब तक ऊर्जा संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं.

लोगों के लिए डॉ केशरी की पांच बड़ी अपील

  • छोटे कामों के लिए साइकिल और पैदल यात्रा करें: डॉ केशरी ने कहा कि स्थानीय स्तर पर छोटे कार्यों के लिए निजी वाहनों का उपयोग कम करें. बाजार, दुकान या आसपास के स्थानों पर जाने के लिए पैदल चलें या साइकिल का इस्तेमाल करें.
  • सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दें: उन्होंने लोगों से अपील की कि बैंक, समाहरणालय, शिक्षण संस्थान और अस्पताल जाने के लिए निजी कार की जगह सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें. इससे ईंधन की बचत होगी और ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा.
  • इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की जरूरत: डॉ केशरी ने कहा कि समय की मांग को देखते हुए अब इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाना जरूरी हो गया है. इससे न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि लोगों की जेब पर भी कम बोझ पड़ेगा.
  • बेहतर ड्राइविंग तकनीक से करें बचत: उन्होंने कहा कि नियंत्रित गति, सही ड्राइविंग तकनीक और समय-समय पर वाहन की सर्विसिंग कराकर 10 से 25 प्रतिशत तक ईंधन बचाया जा सकता है.
  • रेड लाइट पर इंजन बंद रखें: डॉ केशरी ने लोगों को सलाह दी कि ट्रैफिक सिग्नल या लंबे इंतजार के दौरान वाहन का इंजन बंद रखें. इससे अनावश्यक ईंधन खर्च को रोका जा सकता है.

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लोगों में चर्चा का विषय बनी पहल

गढ़वा में डॉ पातंजलि केशरी की यह पहल लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. कई लोग इसे सकारात्मक संदेश मान रहे हैं और ऊर्जा संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायक कदम बता रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समाज के प्रभावशाली लोग इस तरह की पहल करेंगे, तो आम लोग भी जागरूक होंगे और पर्यावरण संरक्षण के साथ ऊर्जा बचत को लेकर गंभीरता बढ़ेगी.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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