गांव की बेटियों को डिजिटल हुनर, मेढ़ना खुर्द में शुरू हुआ साप्ताहिक कंप्यूटर केंद्र

डिजिटल युग में कंप्यूटर शिक्षा ज़रूरी है, खासकर ग्रामीण बालिकाओं के लिए। गढ़वा के मेढ़ना खुर्द में सॉफ्टवेयर इंजीनियर पंकज कुमार तिवारी ने इस ज़रूरत को समझते हुए एक साप्ताहिक कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत की है.

गढ़वा. डिजिटल दौर में कंप्यूटर की जानकारी अब केवल रोजगार का हुनर नहीं, बल्कि पढ़ाई और आगे बढ़ने की जरूरत बन गयी है. इसके बावजूद ग्रामीण इलाकों के कई बच्चे, खासकर बेटियां, कंप्यूटर शिक्षा से दूर हैं. गांव से शहर जाकर प्रशिक्षण लेने में होने वाली परेशानी को देखते हुए सॉफ्टवेयर इंजीनियर पंकज कुमार तिवारी ने ग्रामीण बच्चों को उनके गांव में ही कंप्यूटर शिक्षा से जोड़ने की पहल शुरू की है.

इसी अभियान के तहत गढ़वा प्रखंड के मेढ़ना खुर्द में साप्ताहिक कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत की गयी है. यहां बच्चों को नियमित रूप से कंप्यूटर सीखने का अवसर मिलेगा. प्रारंभिक स्तर पर केंद्र के लिए दो लैपटॉप उपलब्ध कराये गये हैं. बच्चों की संख्या और जरूरत के अनुसार आगे और लैपटॉप व कंप्यूटर उपलब्ध कराने की योजना है.

इंजीनियर पंकज कुमार तिवारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के युवक-युवतियों में सीखने की क्षमता और रुचि की कमी नहीं है, लेकिन संसाधनों के अभाव में वे डिजिटल शिक्षा से पीछे रह जाते हैं. खासकर गांव की बेटियों के लिए शहर जाकर कंप्यूटर सीखना आसान नहीं होता. ऐसे में गांव में ही सप्ताह में एक दिन कंप्यूटर उपलब्ध कराने का उद्देश्य उन्हें डिजिटल दुनिया से जोड़ना है.

उन्होंने बताया कि मेढ़ना खुर्द से पहले भी बौलिया, डुमरिया, डटमा, अशया, रंका, बरदागा और गिजना समेत कई ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे प्रशिक्षण केंद्र शुरू किये गये हैं. इन केंद्रों पर बच्चों को कंप्यूटर व लैपटॉप के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है. उनका कहना है कि अभियान का उद्देश्य ग्रामीण बच्चों को केवल कंप्यूटर चलाना सिखाना नहीं, बल्कि उन्हें बदलती तकनीकी दुनिया के लिए तैयार करना है.

मेढ़ना खुर्द में केंद्र की शुरुआत के मौके पर भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष विकास कुमार तिवारी ने कहा कि ग्रामीण बच्चों को गांव में ही कंप्यूटर शिक्षा उपलब्ध होना उपयोगी पहल है. इससे आर्थिक या दूरी की वजह से प्रशिक्षण से वंचित रहने वाले बच्चों को सीखने का अवसर मिलेगा.

इस अवसर पर ओमप्रकाश पासवान, गुंजन पासवान, बबलू पासवान, शैलेश पासवान, निखिल उपाध्याय, जय हिंद पासवान सहित दर्जनों ग्रामीण उपस्थित थे.

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By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

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