इ-फॉर्मेसी की नीति व्यवसायियों के साथ-साथ मरीजों के लिए भी घातक: अध्याशंकर

इ-फॉर्मेसी की नीति व्यवसायियों के साथ-साथ मरीजों के लिए भी घातक: अध्याशंकर

प्रतिनिधि गढ़वा दवा व्यवसाय से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों व इ-फॉ के विरोध में बुधवार को जिले के दवा व्यवसायियों का आक्रोश खुलकर सड़कों पर दिखा. ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (एआइओसीडी) व झारखंड केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन (जेसीडीए) के संयुक्त आह्वान पर जिले की सभी दवा दुकानें पूर्ण रूप से बंद रहीं. वहीं दवा व्यवसायियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया. बंदी के दौरान गढ़वा जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों व सदस्यों ने मझिआंव मोड़ से विरोध मार्च निकाला. यह मार्च शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों से गुजरते हुए रंका मोड़ एवं सदर अस्पताल चौक तक पहुंचा. प्रदर्शन के दौरान व्यवसायियों ने ऑनलाइन दवा बिक्री को छोटे दवा दुकानदारों के अस्तित्व पर सीधा हमला बताते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. एसोसिएशन के अध्यक्ष अध्याशंकर पांडे, सचिव नंदकिशोर श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष मोहम्मद रुस्तम, कोषाध्यक्ष मनीष कश्यप, संगठन मंत्री अशोक गुप्ता व सह सचिव सुरेंद्र कश्यप ने संयुक्त रूप से बताया कि आंदोलन से पूर्व उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम एवं सिविल सर्जन को ज्ञापन सौंपकर बंदी की सूचना दे दी गयी थी. अध्यक्ष ने कहा कि इ-फॉर्मेसी की नीति न केवल दवा व्यवसायियों के लिए बल्कि आम मरीजों के हितों के लिए भी घातक साबित हो रही है. उनका आरोप था कि सरकार कॉर्पोरेट कंपनियों को बढ़ावा देकर वर्षों से सेवा दे रहे छोटे दवा दुकानदारों को समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है. दवा व्यवसायियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह आंदोलन केवल गढ़वा तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑल इंडिया एवं झारखंड संगठन के निर्देश पर पूरे देश में दवा दुकानदार विरोध स्वरूप बंदी पर हैं.

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Author: Akarsh Aniket

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