गढ़वा में नाले उफने, सड़कें डूबीं, मंदिरों के दरवाजे तक पहुंचा पानी

मूसलाधार बारिश से जनजीवन बेहाल, जलजमाव से मोहल्लों की स्थिति नारकीय

मूसलाधार बारिश से जनजीवन बेहाल, जलजमाव से मोहल्लों की स्थिति नारकीय जितेंद्र सिंह, गढ़वा. शहर में शनिवार रात से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. कई वार्डों और मोहल्लों में जलजमाव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गयी है, जिससे लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गये हैं. नालियों की सफाई और जल निकासी की पूर्व से कोई तैयारी नहीं होने के कारण सड़कों ने तालाब का रूप ले लिया है. नगर प��िषद की लापरवाही एक बार फिर उजागर हो गयी है. साहिजना में मंदिर और घर डूबे पानी में साहिजना स्थित वार्ड संख्या 11 में बाबा सोमनाथ मंदिर भारी जलजमाव के बीच फंसा हुआ है. मंदिर परिसर और आसपास की सड़कें घुटनों तक पानी में डूबी हुई हैं. श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचना कठिन हो गया है. वहीं इस क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक घर पानी से पूरी तरह घिरे हुए हैं. स्थानीय निवासियों ने बताया कि हर वर्ष यही हाल होता है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया जाता. वार्ड 13 महादेवनगर में हालात चिंताजनक वार्ड संख्या 13 महादेवनगर में भी स्थिति भयावह बनी हुई है. यहां दर्जनों घरों के बाहर जलजमाव की स्थिति है, जिसके कारण लोग घरों में कैद होने के लिए मजबूर हो गये हैं. बच्चों और महिलाओं का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. स्थानीय नागरिकों ने बताया कि जल निकासी और नाली का निर्माण नहीं होने से इस मोहल्ले की ऐसी स्थिति है. विदित हो कि यह वार्ड नया बना है और यहां मूलभूत सुविधाओं का घोर आभाव है. चिनिया रोड और शिव मंदिर के पास भी आफत चिनिया रोड पर शिव मंदिर के पास भी जलजमाव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. मंदिर के चारों ओर पानी भर गया है, जिससे मंदिर जाने वाले रास्ते लगभग बंद हो गये हैं. इसी मार्ग पर रोजाना सैकड़ों लोग आवागमन करते हैं. गढ़देवी मोहल्ला और नगवां मार्ग से आवागमन बाधित सरस्वती नदी में उफान के कारण गढ़देवी मोहल्ला स्थिति और भी गंभीर बनी हुई है. नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण नगवां की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पूरी तरह से प्रभावित है. नगवां में शमीम टेलर्स के पास स्थित पुल के उपर से नदी का पानी बह रहा है, जिससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है. प्रशासन की ओर से कोई चेतावनी या वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं की गयी है. नगर परिषद की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल नगर परिषद की उदासीनता को लेकर लोगों में नाराजगी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश में ऐसी ही स्थिति रहती है, लेकिन नगर परिषद सिर्फ कागजी योजना सीमित है. शहर में न तो जल निकासी की समुचित व्यवस्था है और न ही पंप सेट लगाये गये हैं. कुछ जगहों पर लोग खुद बाल्टी से पानी निकालकर रास्ता साफ करने की कोशिश कर रहे हैं. इससे न केवल आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई है, बल्कि मंदिरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालु नहीं पहुंच पा रहे हैं. गढ़वा शहर : एसडीएम ने जल-जमाव क्षेत्रों का किया निरीक्षण, त्वरित राहत एवं स्थायी समाधान के निर्देश ………

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Published by: Akarsh aniket

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