रमकंडा में डोरस्टेप डिलीवरी का भुगतान 25 महीने से बकाया

राशन दुकानदारों को खुद खर्च उठाकर करना पड़ रहा राशन ढुलायी

राशन दुकानदारों को खुद खर्च उठाकर करना पड़ रहा राशन ढुलायी मुकेश तिवारी, रमकंडा गढ़वा जिले के रमकंडा प्रखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से जुड़े दुकानदार पिछले 25 महीनों से डोरस्टेप डिलीवरी का परिवहन खर्च नहीं मिलने के कारण गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 और झारखंड पीडीएस नियंत्रण आदेश 2022 के अनुसार राशन सामग्री को उचित मूल्य पर दुकानों तक पहुंचाना विभाग की जिम्मेदारी है, लेकिन रमकंडा में यह व्यवस्था ठीक से लागू नहीं हुई. इस कारण दुकानदारों को खुद अपने खर्च पर रंका गोदाम से राशन ढुलाई करनी पड़ रही है और उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया. डोरस्टेप डिलीवरी की व्यवस्था जून 2025 से शुरू हुई, लेकिन उससे पहले की अवधि का भुगतान अब तक नहीं किया गया है. रमकंडा डीलर संघ ने इस मामले में आपूर्ति पदाधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर भुगतान की मांग की है. डीलर संघ के अध्यक्ष पप्पू पाण्डेय ने बताया कि अक्टूबर 2022 से मार्च 2024 और अगस्त 2024 से मई 2025 तक कुल 25 महीने का ढुलाई खर्च लगभग 20 लाख रुपये अभी तक बकाया है. हालांकि अप्रैल 2024 से जुलाई 2024 (4 महीने) का भुगतान किया गया है, लेकिन बाकी अवधि के लिए कोई कार्रवाई नहीं हुई है. दुकानदारों का कहना है कि इस संबंध में प्रखंड और जिला स्तर से लेकर राज्य खाद्य आपूर्ति विभाग और खाद्य आयोग तक कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन संतोषजनक समाधान नहीं मिला. लंबे समय तक भुगतान अटका रहने से दुकानदारों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है और राशन वितरण व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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