प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टरों से हो रहा बालू का अवैध उठाव आशुतोष गुप्ता, विशुनपुरा विशुनपुरा थाना क्षेत्र के पिपरी गांव स्थित बाकी नदी घाट इन दिनों अवैध बालू खनन का बड़ा केंद्र बन गया है. निर्माणाधीन पुल और श्मशान घाट के आसपास प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टर बालू का अवैध उठाव कर रहे हैं. यह वही संवेदनशील इलाका है, जहां वर्ष 2017 में विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था. स्थानीय लोगों ने बताया कि श्मशान घाट के पास बड़े पैमाने पर खुदाई से नदी का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है. बालू माफियाओं ने करीब 10 फीट तक गहरे गड्ढे खोद दिये हैं, जिससे खतरनाक स्थिति बन गयी है. स्थानीय लोगों में इस मुद्दे को लेकर भारी नाराजगी है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो हालात बिगड़ सकते हैं और क्षेत्र में फिर से जतपुरा कांड जैसी घटना हो सकती है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अवैध खनन में नाबालिग बच्चों से भी काम कराया जा रहा है. इससे बच्चों के भविष्य पर असर पड़ रहा है, जबकि बालू माफिया इस अवैध कारोबार से मोटी कमाई कर रहे हैं. जानकारी के अनुसार मात्र 100 रुपये के चालान पर बालू बेची जा रही है, जबकि बाजार में यही बालू 1800 से 2000 रुपये प्रति ट्रैक्टर बिक रही है. घाट संचालन की जिम्मेदारी मुखिया की बालू घाट संचालन की जिम्मेदारी पिपरी कला पंचायत की मुखिया सुशीला देवी को दी गयी है. नियम के अनुसार मुखिया द्वारा जारी पर्ची के बाद ही बालू उठाव होना चाहिए. हालांकि मुखिया प्रतिनिधि अशोक पासवान ने सभी आरोपों को निराधार बताया और कहा कि केवल 100 रुपये का चालान लिया जा रहा है और नाबालिग बच्चों से कोई काम नहीं कराया जा रहा है. प्रशासन ने जांच का भरोसा दिया विशुनपुरा के अंचलाधिकारी खगेश कुमार ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जायेगी, जिसके बाद उचित कार्रवाई की जायेगी.
पिपरी घाट पर बालू माफियाओं का कब्जा, हो रहा अवैध खनन
पिपरी घाट पर बालू माफियाओं का कब्जा, हो रहा अवैध खनन
