शहर में बिना एनओसी व खाद्य लाइसेंस के चल रहीं दर्जनों दुकानें

शहर में बिना एनओसी व खाद्य लाइसेंस के चल रहीं दर्जनों दुकानें

शहर में मनमाने तरीके से खोले जा रहे चिक-मटर शॉप पीयूष तिवारी, गढ़वा गढ़वा जिले में सैकड़ों चिकन, मटन और मछली की दुकानें बिना एनओसी (अनापति प्रमाण पत्र) के संचालित हो रही हैं. न तो दुकानों की साफ-सफाई का ध्यान रखा जा रहा है और न ही खाद्य लाइसेंस लिया गया है. जिले में ऐसे कई संचालक हैं जिनके पास अनापति प्रमाण पत्र मौजूद नहीं है. गढ़वा जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 60-70 चिकन और मीट की दुकानें हैं. इनमें से कई दुकानदारों को पास एनओसी नहीं. खुले में मीट-मछली बेचे जाने का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है. शहर में कई दुकानें विद्यालय और मंदिर के पास भी संचालित की जा रही हैं. हालांकि जिला मुख्यालय में कुल 32 दुकानों को खाद्य व सुरक्षा विभाग ने अनुज्ञप्ति दी है, लेकिन इनमें से किसी के पास नगर परिषद और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी नहीं है. हाल ही में गढ़वा एसडीओ संजय कुमार ने उंचरी मुहल्ले में अवैध बूचड़खाने को सील किया. इस कार्रवाई के चिकन-मटन दुकानों पर भी कार्रवाई की मांग की जा रही है. स्कूल के पास व नदी किनारे फेंके जा रहे अवशेष गढ़वा शहर के रंका मोड़ स्थित संकट मोचन मंदिर और चौधराना बाजार स्थित शनि मंदिर के पास कई चिकन-मटन शॉप हैं. जबकि नियम के अनुसार इसकी अनुमति नहीं है. वहीं डीएवी स्कूल चौधराना बाजार के पास सरस्वतिया और दानरो नदी में मांस के अवशेष फेंके जा रहे हैं. इससे विद्यार्थियों और राहगीरों को बदबू से परेशानी होती है, लेकिन इसपर रोक लगाने की कोई पहल नहीं की गयी है. नियमानुसार दुकान संचालन का दिया गया है निर्देश: डीएफएसओ जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी (डीएफएसओ) दीपश्री ने कहा कि सभी दुकानों को निर्देश दिया गया है कि वे नियम के अनुसार संचालन करें और लोकल ऑथोरिटी व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी लेकर अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन करें. गाइडलाइन का पालन नहीं करने पर दुकानें बंद कर दी जायेंगी और अन्य नियमानुसार कार्रवाई होगी. वार्ड पार्षदों से सादे कागज पर लिखवाकर ले लिया लाइसेंस भारतीय खाद्य संरक्षण व मानक प्राधिकरण और जीव जंतु कल्याण बोर्ड के मापदंड के अनुसार चिकन व मटन शॉप का संचालन नहीं करने पर 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है. जिले में जिन 32 शॉप (पांच मटन के व 27 चिकन) को अनुज्ञप्ति दी गयी है, उन्होंने वार्ड सदस्यों से एक सादे कागज पर लिखवा लिया है कि उनका दुकान संचालन सही तरीके से है, जिस आधार पर उन्हें खाद्य सुरक्षा विभाग से अनुज्ञप्ति प्रदान कर दी गयी है. जबकि यह नियम के विरूद्ध है. क्या है नियम स्थानीय निकाय और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है. खुले में मांस काटना या लटकाना मना है. मीट दुकान के पास सब्जी या मछली की दुकान नहीं होनी चाहिए. धार्मिक स्थल से दूरी कम से कम 100 मीटर होनी चाहिए. दुकान का दरवाजा स्वत: बंद होने वाला और काले शीशे लगे होना चाहिए. दुकान की ऊंचाई तीन मीटर से कम नहीं होनी चाहिए. दुकान की जमीन पक्की और फिसलन रहित होनी चाहिए. मीट काटने का चाकू स्टेनलेस स्टील का होना चाहिए. मांस पर झटका या हलाल का स्पष्ट अंकन होना चाहिए. मीट से निकले अपशिष्ट का उचित निपटान करना होगा.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Akarsh aniket

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
Tags
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >