गढ़वा. गढ़वा पुलिस ने 15 सितंबर की शाम हूर ओवरब्रिज के पास नाकेबंदी कर एक सफेद रंग की हुंडई क्रेटा गाड़ी में सवार हथियारबंद अपराधी को धर दबोचा. इस दौरान कार में सवार उसका एक अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भागने में सफल रहा, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.
इसकी जानकारी गढ़वा के एसडीपीओ दिलू लोहार ने बुधवार को गढ़वा थाना में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान दी. एसडीपीओ ने बताया कि 15 सितंबर की संध्या गश्ती के दौरान गढ़वा थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि हूर ओवरब्रिज के पास सफेद रंग की हुंडई क्रेटा कार संख्या नंबर जेएच 01 एफबी 5927 में सवार कुछ लोग किसी बड़ी और गंभीर आपराधिक घटना को अंजाम देने की नीयत से अवैध हथियारों के साथ मौजूद हैं.सूचना मिलते ही पुलिस पदाधिकारियों ने तुरंत वरीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दी और निर्देश मिलते ही एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया.
पुलिस की घेराबंदी देख एक फरारसूचना का सत्यापन करने के बाद पुलिस टीम शाम करीब 7:25 बजे हूर ओवरब्रिज पहुंची और पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली.पुलिस की भनक लगते ही कार में सवार एक व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया. हालांकि, पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए चालक की सीट पर बैठे युवक को दबोच लिया. पकड़े गये युवक की पहचान शाहिद हुसैन, उम्र 28 वर्ष, पिता सलीम अंसारी, निवासी जुटी कल्याणपुर, थाना व जिला गढ़वा के रूप में हुई. आरोपी की तलाशी लेने पर उसके पास से वन प्लस और सैमसंग कंपनी के दो मोबाइल फोन बरामद हुए.इसके बाद जब संदिग्ध क्रेटा गाड़ी की डिक्की की गहनता से जांच की गयी, तो डिक्की से एक अवैध देसी पिस्टल और आठ एमएम केएफ के तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए.
खंगाली जा रही काल डिटेल, खुलेगा नेटवर्क
एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि बरामद हथियार आरोपी तक कैसे पहुंचे और दोनों अपराधी किस वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे.जब्त मोबाइल फोन की काल डिटेल खंगाली जा रही है, ताकि फरार आरोपी की पहचान के साथ-साथ पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके. छापामारी दल में गढ़वा थाना के पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी सुनील कुमार तिवारी, पुलिस अवर निरीक्षक रंजन कुमार साह, पुलिस अवर निरीक्षक प्रदीप यादव, पुलिस अवर निरीक्षक अविनाश राज, पुलिस अवर निरीक्षक आदित्य नायक, सहायक अवर निरीक्षक अरविंद दुबे और सहायक अवर निरीक्षक गौतम दास के अलावा आरक्षी विवेकानंद कुमार, अनुज कुमार पासवान, नोएस केरकेट्टा, हवलदार सतेंद्र उरांव तथा आरक्षी मनोज कुमार यादव शामिल थे.
