गढ़वा से प्रभाष मिश्रा की रिपोर्ट
Garhwa News: गढ़वा जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर छत्तीसगढ़ की करीब 35 युवतियों को बंधक बनाए जाने की खबर से हड़कंप मच गया है. इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ और झारखंड प्रशासन अलर्ट मोड पर है. मामला तब उजागर हुआ जब एक युवती ने चोरी-छिपे अपने गांव के एक युवक को मोबाइल पर संदेश भेजकर मदद की गुहार लगाई.
युवती ने भेजा था मदद का संदेश
जानकारी के अनुसार, कांकेर जिले के दुर्गुकोंदल क्षेत्र की एक युवती ने संदेश भेजकर बताया कि उसे और अन्य युवतियों को गढ़वा में बंधक बनाकर रखा गया है. इन लड़कियों को नर्सिंग और अन्य कार्यों में रोजगार देने का झांसा देकर लाया गया था. सूचना मिलते ही कांकेर कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर और छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मामले का संज्ञान लिया और गढ़वा प्रशासन से संपर्क साधा.
पुलिस ने की छापेमारी
सूचना मिलते ही गढ़वा एसपी आशुतोष शेखर के निर्देश पर एसडीपीओ नीरज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने चिन्हित स्थानों पर छापेमारी की. जांच के दौरान पुलिस को 30 लड़कियां और लगभग 100 लड़के अलग-अलग कमरों में मिले. हालांकि, पुलिस की जांच में कई नए तथ्य सामने आए हैं. जांच में पता चला कि ये सभी ‘अर्थ इंटरप्राइजेज’ नामक संस्था के माध्यम से दिल्ली की कंपनी के उत्पाद बेचने की ट्रेनिंग ले रहे थे.
पुलिस सूक्ष्मता से कर रही जांच
गढ़वा पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अभी तक की जांच में मानव तस्करी से संबंधित कोई तथ्य सामने नहीं आए हैं. पुलिस इसे मोबाइल फोन जमा कराए जाने से उत्पन्न भ्रम का मामला मान रही है. भले ही प्राथमिक जांच में इसे ट्रेनिंग सेंटर बताया जा रहा है, लेकिन गढ़वा थाना प्रभारी मामले की सूक्ष्मता से जांच कर रहे हैं. पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि संस्था की वैधता क्या है और क्या युवाओं को किसी गलत झांसे में तो नहीं रखा गया.फिलहाल, दोनों राज्यों की पुलिस आपसी समन्वय के साथ काम कर रही है.
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