चंदनी गांव में दशहरा पर रावण दहन हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल

चंदनी गांव में दशहरा पर रावण दहन हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल

अभिमन्यु कुमार, खरौंधी खरौंधी प्रखंड के चंदनी गांव में दशहरा पर्व पर रावण दहन का आयोजन हर साल बड़ी धूमधाम से किया जाता है. इस परंपरा की शुरुआत करीब दस वर्ष पूर्व नवयुवक संघ द्वारा की गयी थी. संघ ने लगभग चालीस साल पहले गांव में दुर्गा पूजा का आयोजन प्रारंभ किया था, जो निरंतर जारी है. दशहरा पर यहां झांकी निकालने की परंपरा भी है. झांकी के बाद यज्ञशाला के समीप बाजे-गाजे और जयकारों के बीच राम-रावण युद्ध का मंचन किया जाता है. मंचन के उपरांत रावण के पुतले का दहन किया जाता है. चंदनी गांव के इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों की सक्रिय भागीदारी रहती है. आयोजन समिति में मुस्लिम समाज के लोग भी शामिल हैं और सभी मिलजुलकर इस पर्व को भव्य बनाने में योगदान देते हैं. यह आयोजन सिर्फ धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक भाईचारा और सौहार्द का प्रतीक भी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्यक्रम गांव में गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करता है.हाल ही में 26 सितंबर की रात आये आंधी-पानी के दौरान जब पंडाल और मां दुर्गा की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त होने का खतरा था, तब आसपास के मुस्लिम परिवारों ने आगे आकर उसे सुरक्षित रखने का पूरा प्रयास किया. नवयुवक संघ द्वारा दुर्गा पूजा, रावण दहन, रामायण मंचन, नाटक प्रस्तुति और नवकन्या पूजन का आयोजन हर वर्ष किया जाता है. इस वर्ष भी कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष मुकेश मेहता, सचिव बलराम यादव, कोषाध्यक्ष शेख मोहम्मद अंसारी, ओमकेश मेहता, राहुल कुमार कन्नौजिया, संदीप जायसवाल, सौरभ राय सहित कई लोग सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं.

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By Akarsh Aniket

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