गढ़वा. भवनाथपुर की सियासत में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है. 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के कद्दावर नेता भानु प्रताप शाही की जीत की हैट्रिक रोकने के लिए जिस 'त्रिमूर्ति' (अनंत प्रताप देव, ताहिर अंसारी और दीपक प्रताप देव) ने मिलकर रणनीति बनाई थी, वह अब टूट चुकी है.
झामुमो का दामन छोड़ चुके दीपक प्रताप देव ने अब विधायक अनंत प्रताप देव और पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही दोनों के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया है.
निजी खर्च से सड़क बनाकर सियासी जमीन तैयार
दीपक प्रताप देव ने ऐलान किया है कि वे भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के उन दूर-दराज गांवों में अपने निजी खर्च से सड़कों का निर्माण और मरम्मत कराएंगे, जहां आजादी के दशकों बाद भी पक्की सड़कें नहीं हैं. वे न सिर्फ सड़कें बनवा रहे हैं, बल्कि अपने नाम का शिलापट्ट भी स्थापित कर रहे हैं.
हाल ही में उन्होंने रमना प्रखंड के सिरियाटोंगर में मदरसा से लेकर NH-39 गुप्ता लाइन होटल तक मिट्टी-मोरम सड़क का निर्माण कराकर सिरियाटोंगर, कोइन्दी और कधवन के ग्रामीणों को बरसात के कीचड़ और जलजमाव से राहत दिलाई.
जनसंपर्क अभियान तेज
राजनीतिक मैदान में उतरने की घोषणा के साथ ही दीपक का जनसंपर्क तेज हो गया है. वे क्षेत्र के सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. हाल ही में रमना प्रखंड के चुन्दी गांव में राकेश विश्वकर्मा के घर प्रसाद ग्रहण किया. वहीं डंडई के सोनेहारा गांव में सड़क हादसे में पैर टूटने से पीड़ित मिथिलेश सिंह से मुलाकात कर आर्थिक सहायता भी दी.
अनंत प्रताप देव की जीत के मुख्य रणनीतिकार
2024 में अनंत प्रताप देव की जीत के मुख्य रणनीतिकार रहे दीपक के इस कदम से भवनाथपुर की राजनीति में उबाल आ गया है. विधायक अनंत से राहें जुदा कर दीपक अब 2029 के विधानसभा चुनाव में खुद ताल ठोकने की तैयारी में हैं. एक तरफ वर्तमान विधायक अनंत प्रताप देव और दूसरी तरफ भाजपा के भानु प्रताप शाही, इन दो दिग्गजों के बीच दीपक की एंट्री ने भवनाथपुर के सियासी रोमांच को चरम पर पहुंचा दिया है.
