बरवाडीह-चिरमिरी रेल लाइन: आदिवासी बहुल क्षेत्र अगर रेलवे लाइन से नहीं जुड़ता है, तो उनका सौ साल पुराना सपना टूट जाएगा- इंदर सिंह नामधारी

झारखंड के पूर्व स्पीकर इंदर सिंह नामधारी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर बरवाडीह-चिरमिरी रेल परियोजना के मार्ग पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

गढ़वा : बरवाडीह–चिरमिरी पुरानी रेल लाइन योजना को लेकर झारखंड विधानसभा के प्रथम अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखा है . उन्होंने प्रस्तावित रेल लाइन के मार्ग पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई है . नामधारी ने पत्र में स्पष्ट कहा कि यदि यह आदिवासी बहुल क्षेत्र रेलवे लाइन से नहीं जुड़ता है, तो स्थानीय लोगों का लगभग सौ साल पुराना सपना टूट जाएगा .

लंबित रेल परियोजना को शुरू कराने के लिए किया काफी प्रयास

इंदर सिंह नामधारी ने उल्लेख किया कि वे इस क्षेत्र से छह बार विधायक रह चुके हैं. उन्होंने लंबित रेल परियोजना को शुरू कराने के लिए काफी प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली . यद्यपि एक दशक पहले वे सक्रिय राजनीति से संन्यास ले चुके हैं, फिर भी जनता से उनका जुड़ाव लगातार कायम है . उन्होंने मांग की कि स्वीकृत नई रेलवे लाइन योजना में बड़गड़ और भंडरिया को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, क्योंकि पुरानी योजना के तहत पूर्व में भी रेल लाइन बिछाने का कुछ कार्य हुआ था .

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1932 में शुरू हुई थी योजना, 1970 से जारी है संघर्ष

दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे द्वारा झारखंड एवं छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाली इस चर्चित बरवाडीह–चिरमिरी रेल लाइन योजना की शुरुआत वर्ष 1932 में हुई थी. अंग्रेजों के जाने के बाद यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई . वर्ष 1970 से इसे पुनः चालू कराने का संघर्ष जारी है और कई बार जनप्रतिनिधियों ने संसद में भी इस विषय को उठाया है .पुरानी योजना के अनुसार बरवाडीह से बड़गड़, भंडरिया होते हुए बलरामपुर तक रेल लाइन का निर्माण इस क्षेत्र की जनता और उनके पूर्वजों का सपना रहा है.

रामानुजगंज के स्थान पर बलरामपुर को बनाया जाए जंक्शन

इंदर सिंह नामधारी ने रेल मंत्री से आग्रह किया है कि इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पुरानी रेल लाइन वाले मूल मार्ग पर ही नई रेल लाइन का निर्माण कराया जाए तथा रामानुजगंज के स्थान पर बलरामपुर को जंक्शन बनाया जाए .इस मांग को लेकर स्थानीय स्तर पर रेलवे संघर्ष समिति का गठन भी किया गया है . समिति में आनंद प्रसाद, जयप्रकाश मिंज, जितेन्द्र चंद्रवंशी, ओमप्रकाश, संदीप गुप्ता, बजरंग प्रसाद, अर्जुन मिंज, अमानत अंसारी, बरुण केशरी और आजाद अंसारी प्रमुख रूप से शामिल हैं .यह समिति बरवाडीह–चिरमिरी रेल परियोजना में बड़गड़ व भंडरिया को शामिल कराने तथा बलरामपुर को जंक्शन बनाने की मांग को लेकर निरंतर संघर्षरत है .


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By Avinash singh

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