रमकंडा में प्रभात खबर साइबर जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन, विद्यार्थियों को बचाव की दी गयी जानकारी मुकेश तिवारी, रमकंडा प्रभात खबर के साइबर अपराध के प्रति जागरूकता अभियान के तहत रमकंडा के स्तरोन्नत उच्च विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रंका अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रोहित रंजन सिंह तथा विशिष्ट अतिथि थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह कुंटिया उपस्थित थे. विद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी भी बड़ी संख्या में शामिल हुए. कार्यक्रम का संचालन प्रभात खबर के रमकंडा प्रतिनिधि मुकेश तिवारी ने किया. कार्यक्रम के दौरान डीएसपी रोहित रंजन सिंह ने कहा कि जैसे किसी गांव में चोरी होती है, वैसे ही डिजिटल दुनिया में भी ठगी होती है. साइबर ठग बहुत चालाक होते हैं. वे लोगों के लालच या डर का फायदा उठाकर उनकी गाढ़ी कमाई लूट लेते हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी एपीके फाइल को डाउनलोड करने से बचे और अनजान कॉल या वीडियो कॉल न उठाये. उन्होंने कहा कि यहां दी गयी जानकारी को हर व्यक्ति अपने घर, गांव और मुहल्ले तक पहुंचाए ताकि समाज साइबर अपराध से सुरक्षित रह सके. डीएसपी ने बताया कि झारखंड में साइबर अपराध की शुरुआत जामताड़ा जिले के कर्माटांड़ से हुई थी, जो अब राज्य के कई शहरों और देश के कोने-कोने तक फैल चुकी है. साइबर अपराधियों का गढ़ जामताड़ा (झारखंड) और भरतपुर (हरियाणा) जिला माना जाता है. उन्होंने कहा कि अपराधी मोबाइल ऐप, बैंकिंग एप या फेसबुक जैसे माध्यमों से संपर्क बनाते हैं और लिंक भेजकर मोबाइल का नियंत्रण अपने हाथ में ले लेते हैं. इसके बाद वे खातों से पैसे निकाल लेते हैं या अन्य धोखाधड़ी करते हैं. डीएसपी ने बताया कि साइबर अपराधी तरह-तरह के प्रलोभन देकर लोगों को फंसाते हैं. कई बार लड़कियों के नाम से वीडियो कॉल कर अश्लील वीडियो बनाकर लोगों को ब्लैकमेल किया जाता है. उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं से कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति से वीडियो कॉल पर बात न करें, अपना फोटो या वीडियो किसी अजनबी को न भेजें, और किसी अनजान कॉल पर विश्वास न करें. फ्रॉड का शिकार होने पर तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें तथा साइबर थाना या नजदीकी थाना में अपराधियों के फोन नंबर और खाता नंबर सहित शिकायत दर्ज कराएं. सामाजिक कुरीतियों पर भी किया गया जागरूक कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को समाज में फैली विभिन्न कुरीतियों जैसे बाल विवाह, दहेज प्रथा, डायन-बिसाही और शराब सेवन के दुष्परिणामों से भी अवगत कराया गया. डीएसपी ने बच्चों को बताया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है, जो न केवल बच्चों के भविष्य को बर्बाद करता है बल्कि समाज के विकास में भी बाधा डालता है. दहेज प्रथा जैसी बुराई ने अनेक घरों को तोड़ा है, इसलिए इसे समाप्त करना हर नागरिक का कर्तव्य है. उन्होंने कहा कि डायन-बिसाही जैसी अंधविश्वासी मान्यताएं और शराब सेवन जैसी सामाजिक बुराइयां समाज को पीछे धकेलती हैं. इनसे बचना और दूसरों को भी जागरूक करना एक जिम्मेदार नागरिक की पहचान है. उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों की जानकारी मिलने पर पुलिस की ओर से भी कार्रवाई की जाती है. सड़क सुरक्षा को लेकर भी किया गया सचेत कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की सलाह दी गयी. पुलिस पदाधिकारियों ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण लापरवाही और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी है. आज के युवा तेज गति से बाइक चलाते हैं और बिना हेलमेट के सफर करते हैं, जो अत्यंत खतरनाक है. बताया गया कि वर्ष 2023 से अब तक गढ़वा जिले में 322 सड़क हादसे हुए हैं, जिनमें 96 लोगों की मौत हो चुकी है. मुख्य कारण तेज रफ्तार और बिना हेलमेट के यात्रा करना है. अतः बाइक चलाते समय हेलमेट पहनने, सड़क पार करते समय दोनों ओर देखकर जाने और मोबाइल फोन का उपयोग न करने की अपील की गयी मंईयां व आवास योजना के नाम पर हो रही ठगी : डीएसपी डीएसपी रोहित रंजन सिंह ने कहा कि मोबाइल आज केवल बात करने का जरिया नहीं, बल्कि हमारा बैंक, हमारा बाजार और हमारी पढ़ाई का माध्यम भी बन गया है. हम सब अब डिजिटल दुनिया का हिस्सा हैं, इसलिए जरूरी है कि हम डिजिटल रूप से जागरूक रहें. उन्होंने कहा कि बैंक उपभोक्ताओं को लगातार सावधान करते रहते हैं, फिर भी लोग ठगों के झांसे में आ जाते हैं. उन्होंने बताया कि ग्रामीण इलाकों में इन दिनों मइयां योजना और आवास योजना के नाम पर ठगी का नया ट्रेंड चल रहा है. ठग मोबाइल में एपीके फाइल भेजकर लोगों का मोबाइल हैक कर लेते हैं और बैंक खाते से पैसे निकाल लेते हैं. उन्होंने कहा कि पुराने तरीके भी अब नये रूप में सामने आ रहे हैं. जिसमें आपको आपके एटीएम बंद होने की बात बताकर एटीएम कार्ड का नंबर मांगा जाता है. इन सब बातों से सतर्क रहें. अनजान लिंक को न खोलें : थाना प्रभारी थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह कुंटिया ने कहा कि कंप्यूटर या मोबाइल के माध्यम से किसी व्यक्ति को सामाजिक या आर्थिक नुकसान पहुंचाना ही साइबर अपराध कहलाता है. उन्होंने कहा कि लोग अक्सर अनजान लिंक पर क्लिक कर या ओटीपी साझा कर ठगों के शिकार बन जाते हैं. इसलिए मोबाइल पर किसी भी अज्ञात लिंक को न खोलें और किसी भी परिस्थिति में किसी के साथ ओटीपी साझा न करें. उन्होंने कहा कि कई गेमिंग एप लोगों को इनाम या प्राइज का झांसा देकर ठगी का शिकार बनाते हैं. साइबर अपराधी वीडियो कॉल के माध्यम से भी लोगों को फंसाते हैं. पहले वे किसी अनजान व्यक्ति को कॉल करते हैं, फिर अश्लील वीडियो दिखाकर रिकॉर्डिंग कर लेते हैं और बाद में ब्लैकमेलिंग शुरू कर देते हैं. उन्होंने लड़कियों को सतर्क रहने की सलाह दी और कहा कि सोशल मीडिया पर प्रोफाइल फोटो लगाने से बचें, क्योंकि साइबर अपराधी इन तस्वीरों का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं. शराबबंदी अभियान जरुरी, गांव में बढ़ रहे शराबी : चंदन विधालय के 11वीं कक्षा के छात्र चंदन कुमार ने पुलिस अधिकारीयों से क्षेत्र में शराब बंदी अभियान को तेज करने की अपील की. चंदन ने कहा कि गांव में शराबियों की संख्या बढ़ रही है. वहीं युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं. छापेमारी अभियान चलाकर पुलिस को शराब कारोबारियों व शराबियों के खिला विषेश अभियान चलाने की जरूरत है, जिससे आने वाली पीढ़ी शराब की लत से बच सके.
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