केंद्र के खनन मंत्रालय ने निकाली निविदा, एक दिसंबर नीलामी की अंतिम तिथि विजय सिंह, भवनाथपुर औद्योगिक नगरी भवनाथपुर के फिर से गुलजार होने की उम्मीद एक बार फिर जाग उठी है. केंद्र सरकार के खनन मंत्रालय ने चपरी पंचायत स्थित मुसकैनी पहाड़ी (मुसैकनीया-गड़ेरिया डीह टोला बरवारी पोटाश ब्लॉक) में पोटाश खनन के लिए नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी है. यहां बड़े पैमाने पर पोटाश का भंडार मिलने की पुष्टि हुई है. मंत्रालय ने नीलामी की अंतिम तिथि 1 दिसंबर 2025 निर्धारित की गयी है. दस्तावेज की बिक्री 23 सितंबर से 24 नवंबर 2025 तक की जायेगी. यदि यह नीलामी सफल रहती है तो वर्षों से विरान पड़ा भवनाथपुर टाउनशिप एक बार फिर औद्योगिक गतिविधियों से गुलजार हो उठेगा. मुसकैनी पहाड़ी पर खनन के लिए 513.63 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जायेगी. इसमें भवनाथपुर, सीघीताली, मकरी, बरवारी, गड़रिया डीह और बहुआ टोला की जमीन शामिल है. प्रारंभिक चरण में 116 एकड़ क्षेत्र में खनन कार्य किया जायेगा, जिनमें लगभग 56 हेक्टेयर भूमि वन क्षेत्र है. लेना होगा अनापत्ति प्रमाण पत्र खनन कार्य प्रारंभ करने से पूर्व कंपनी को 15 विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा. इनमें वन विभाग, वाइल्ड लाइफ क्लियरेंस, एनवायरमेंट क्लियरेंस और एक्सप्लोसिव क्लियरेंस सहित अन्य विभाग शामिल हैं. वर्ष 2017-18 में 20 स्थानों पर हुआ था सर्वे कार्य भारत सरकार के भू-वैज्ञानिक विभाग ने वर्ष 2017-18 में मुसकैनी पहाड़ी, भवनाथपुर, सीघीताली, मकरी, बरवारी सहित लगभग 20 स्थानों पर सर्वे कराया था. ड्रिलिंग का कार्य आसनसोल (कोलकाता) की माइनिंग एसोसिएशन प्राइवेट लिमिटेड ने किया था. इसके पूर्व 1970-72 में भी यहां खनिज संपदा के लिए सर्वे कराया गया था. उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार के खनन मंत्रालय ने 29 नवंबर 2023 को पूरे देश में 19 खनिज ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया शुरू की थी, जिसमें गढ़वा जिले के भवनाथपुर का नाम भी शामिल था. तब वेदांता, कोल इंडिया, ओला इलेक्ट्रिक, एनसीएल इंडिया, जिंदल पावर, डालमिया ग्रुप सहित कई कंपनियों ने भाग लिया था, लेकिन तकनीकी कारणों से प्रक्रिया रद्द कर दी गयी थी. अब मंत्रालय ने मुसकैनी पहाड़ी ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया दोबारा शुरू की है.
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