अंंजली ने काव्य गोष्ठी में लिया हिस्सा

दिल्ली में 15,16 व 17 नवम्बर को आयोजित ''''18वीं दस्तक युवा पीढ़ी की'''' नामक कार्यक्रम में विभिन्न प्रांतों से एक युवा कवि/कवियित्री को चयनित कर बुलाया गया था.

गढ़वा. विश्व के सबसे बड़े काव्य मंच ””””””””राष्ट्रीय कवि संगम”””””””” द्वारा दिल्ली में 15,16 व 17 नवम्बर को आयोजित ””””””””18वीं दस्तक युवा पीढ़ी की”””””””” नामक कार्यक्रम में विभिन्न प्रांतों से एक युवा कवि/कवियित्री को चयनित कर बुलाया गया था. इसमें झारखंड प्रांत से गढ़वा के नवादा गांव निवासी अंजलि शाश्वत को भी झारखंड राज्य का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त हुआ है. इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविख्यात कवि डॉ कुमार विश्वास, विशिष्ट अतिथि द्वय स्वामी चिदानंद सरस्वती व दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ योगेश सिंह, राष्ट्रीय कवि संगम के संरक्षक डॉ हरिओम पंवार, राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल, उपाध्यक्ष अशोक बत्रा, महामंत्री महेश शर्मा आदि उपस्थित थे. इस कार्यक्रम में अंजलि शाश्वत ने अपनी कविता राम ही अर्चना, राम वरदान हैं… तथा जहां के संन्यासी भी बनते विश्व विजेता हैं, वो विश्वगुरु मेरा भारत ब्रह्म ज्ञान प्रणेता है… की प्रस्तुति से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया. इसके उपरांत अतिथियों द्वारा अंगवस्त्र ,प्रशस्ति-पत्र तथा प्रतीक चिह्न प्रदान कर अंजलि शाश्वत को सम्मानित किया गया. इस कार्यक्रम से वापसी पर झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने अंजलि शाश्वत को आशीर्वाद प्रदान किया. उन्होंने कहा कि कवियित्री अंजलि शाश्वत भारतीय संस्कृति को पल्लवित-पुष्पित करते हुए अपनी प्रतिभा के बल पर वैश्विक पहचान बनाये, ऐसी वे कामना करते हैं. राज्यपाल श्रीगंगवार से अंजलि शाश्वत को सम्मानित भी किया. गढ़वा पहुंचने के बाद अंजलि शाश्वत ने कहा कि गढ़वा जैसे शहर जहां पर काव्य या कला को लेकर कोई विशेष माहौल नहीं है, वहां से विश्व के सबसे बड़े काव्य मंच ””””””””राष्ट्रीय कवि संगम”””””””” तक पहुंचना ही उसके लिये बहुत बड़ी बात है.

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