अंबिकापुर का युवक निकला रंका में मिला अज्ञात शव, पिता ने बहू पर लगाया हत्या का आरोप

Garhwa News: गढ़वा के रंका थाना क्षेत्र में मिले अज्ञात शव की पहचान अंबिकापुर निवासी अमन झा के रूप में हुई है. मृतक के पिता ने बहू पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हत्या के कारणों व आरोपियों की तलाश कर रही है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

रंका से नंद कुमार की रिपोर्ट

Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले के रंका थाना क्षेत्र अंतर्गत खुथवा मोड़ के पास एनएच किनारे मिले अज्ञात युवक के शव की पहचान हो गई है. मृतक की पहचान छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर निवासी अमन झा के रूप में की गई है. शव की शिनाख्त होने के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है. मृतक के पिता ने अपनी बहू पर बेटे की हत्या कराने का गंभीर आरोप लगाया है, जिसके बाद पूरे मामले में सनसनी फैल गई है.

बिहार जाने की बात कहकर घर से निकला था अमन

मृतक के पिता विद्यासागर झा ने पुलिस को बताया कि वे मूल रूप से बिहार के आरा जिले के रहने वाले हैं, लेकिन वर्तमान में छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में किराए के मकान में रहकर दुकान चलाते हैं. उनके अनुसार, शनिवार सुबह करीब छह बजे अमन घर से यह कहकर निकला था कि वह अपने पैतृक गांव आरा जा रहा है. परिजनों को उम्मीद थी कि अमन सुरक्षित बिहार पहुंच जाएगा, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उसके शव मिलने की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया. पिता का कहना है कि रास्ते में ही बेटे की हत्या कर दी गई और साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को झारखंड सीमा में फेंक दिया गया.

बहू पर हत्या की साजिश रचने का आरोप

विद्यासागर झा ने रंका थाना पुलिस को दिए आवेदन में अपनी बहू पर हत्या की साजिश रचने का संदेह जताया है. उन्होंने बताया कि करीब आठ महीने पहले उनकी बहू घर छोड़कर चली गई थी. बाद में उसने किसी दूसरे युवक से शादी कर ली थी. पिता का आरोप है कि इसके बावजूद बहू लगातार अमन को जान से मारने की धमकी देती थी. उनका कहना है कि पुरानी रंजिश और विवाद के कारण ही उनके बेटे की हत्या करवाई गई है. इस आरोप के बाद पुलिस अब पारिवारिक विवाद और आपसी संबंधों के पहलू को भी जांच में शामिल कर रही है.

शव मिलने के बाद परिवार में मातम

अमन झा का शव मिलने की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. स्थानीय लोगों ने बताया कि परिवार इस घटना से पूरी तरह टूट चुका है. मृतक के पिता लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की अपील कर रहे हैं. रंका थाना पुलिस ने शव का अंत्यपरीक्षण कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हत्या के तरीके और अन्य तथ्यों की जानकारी स्पष्ट हो सकेगी.

पुलिस ने शुरू की जांच

रंका थाना पुलिस ने पिता के आवेदन के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस हत्या के कारणों और संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है. अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है. पुलिस आसपास के क्षेत्रों में भी जानकारी जुटा रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अमन झा आखिरी बार किन लोगों के संपर्क में था. साथ ही मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है.

इसे भी पढ़ें: मधु कोड़ा की अगुवाई में गुवा सेल खदान में अनिश्चितकालीन चक्का जाम, उत्पादन पूरी तरह ठप

हत्या की गुत्थी सुलझाने की चुनौती

यह मामला अब केवल अज्ञात शव की पहचान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि हत्या की साजिश और पारिवारिक विवाद के गंभीर आरोपों तक पहुंच चुका है. पुलिस के सामने अब इस हत्या की गुत्थी सुलझाने और वास्तविक आरोपियों तक पहुंचने की बड़ी चुनौती है. पूरे इलाके में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है.

इसे भी पढ़ें: रजरप्पा के छिन्नमस्तिका मंदिर से हटाए गए दुकानदारों के पुनर्वास पर हाईकोर्ट सख्त, दिए निर्देश

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >