वन भूमि पर कब्जे का आरोप, जांच की मांग

वन भूमि पर कब्जे का आरोप, जांच की मांग

प्रतिनिधि, रंका रंका पूर्वी वन क्षेत्र के भलुआनी स्थित भलपहरी में भू-माफियाओं द्वारा वन विभाग की 58 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा करने के मामले में कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी आक्रोश है. आरटीआई कार्यकर्ता यैवंत चौधरी ने बताया कि भलुआनी गांव के एक भू-माफिया ने वन विभाग की 58 एकड़ भूमि में से 21.48 एकड़ भूमि को अपनी रैयती भूमि बताकर कब्जा करने का प्रयास किया है, जबकि शेष 36.52 एकड़ भूमि पर भी दखल बना हुआ है. आरटीआई कार्यकर्ता के अनुसार, भू-माफिया ने पिछले चार महीनों के दौरान उक्त भूमि में एक झोपड़ी बनाकर उसमें बिजली पोल व तार लगवायें हैं. उसे विद्युत विभाग द्वारा बिजली कनेक्शन भी दे दिया गया है. उन्होंने बताया कि भू-माफिया वन विभाग की मौजा भलुआनी स्थित खाता संख्या 33, प्लॉट संख्या 01 और 03, रकबा 21.48 एकड़ भूमि को अपनी रैयती भूमि बताकर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है. जबकि वन विभाग की वास्तविक भूमि का नया खाता संख्या 45, प्लॉट संख्या 01 और 05, रकबा 58 एकड़ है. इसमें प्लॉट संख्या 01 में 29.50 एकड़ व प्लॉट संख्या 05 में 23.50 एकड़ भूमि शामिल है, जो बिहार सरकार के वन विभाग की है. भलपहरी मेला समिति के संस्थापक सुनील माली, संतोष पासवान, बीरेंद्र राम, सत्येंद्र राम, राजकुमार राम और राकेश पासवान ने बताया कि इस संबंध में डीएफओ को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की गयी थी, लेकिन चार महीने बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. निश्चित रूप से होगी कार्रवाईः डीएफओ इस संबंध में डीएफओ एबिन बेनी अब्राहम ने कहा कि मामले में कार्रवाई निश्चित रूप से होगी, लेकिन हर कार्य में समय लगता है और प्रक्रिया के तहत ही कार्रवाई की जायेगी.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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