मझिआंव (गढ़वा): मझिआंव प्रखंड के बोदरा पंचायत अंतर्गत कामत गांव में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान 47 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के प्रयास के आरोप को लेकर मंगलवार को हंगामा हो गया. मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया. करीब पांच दर्जन ग्रामीण प्रखंड कार्यालय पहुंचे और बीडीओ सह सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी कनक को हस्ताक्षरयुक्त आवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की.
ग्रामीणों का आरोप है कि भाजपा के बीएलओ-2 शेष मणि सिंह ने बीएलओ शकील अहमद को कामत गांव के 47 लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए आवेदन दिया था. ग्रामीणों ने आवेदन में कहा है कि बिना समुचित जांच के गरीब लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की.
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बीडीओ ने कहा- होगी जांच
मामले को लेकर बीडीओ सह सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी कनक ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी. वहीं, आरोपों के संबंध में भाजपा के बीएलओ-2 शेष मणि सिंह का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं होने के कारण उनका पक्ष नहीं मिल सका. निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना जरूरी है. प्रस्तावित विलोपन के मामलों में संबंधित मतदाता को सूचना और उचित अवसर देने का प्रावधान है.
जनप्रतिनिधियों ने भी जांच की मांग का समर्थन किया
बोदरा पंचायत के बीडीसी प्रतिनिधि पंकज सिंह और मुखिया प्रतिनिधि इंदल सिंह ने भी मामले की जांच की मांग का समर्थन किया. दोनों ने कहा कि किसी भी योग्य मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए. आवेदन देने वालों में अशफाक अहमद, शहादत, नसीम आलम, मोहम्मद अकबर, शमशाद अहमद, मोहम्मद इम्तियाज, रुस्तम खान, तमीजुद्दीन खान, सरफुद्दीन खान, शाहबाज खान, मकबूल खान, सदरुद्दीन, इकबाल, शादाब खान, यासीन खान, सरदारत खां, सदाब खां, पंकज कुमार सिंह, इंदल सिंह, आफताब अहमद सहित अन्य ग्रामीण शामिल थे.
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