नये साल के स्वागत में निकाली जायेगी भव्य शोभायात्रा

नये साल के स्वागत में निकाली जायेगी भव्य शोभायात्रा

गढ़वा. वर्ष प्रतिपदा व हिंदी के नये साल 2082 के स्वागत को लेकर विभिन्न सामाजिक व धामिर्क संगठनों ने अपने-अपने स्तर से तैयारी की है. शहर के मुख्य पथ सहित सभी गलियों और शाखा मार्गों को महावीरी झंडे से सजा दिया गया है. साथ ही सभी घरों पर भी महावीरी झंडा लगाये जा रहे हैं. नये साल पर रविवार की शाम सभी घरों में दीप जलाकर दीपोत्सव मनाने की लोगों से अपील की गयी. इधर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थानीय इकाई रविवार को नवसंवत्सर को विजय दिवस के रूप में मनायेगी. वहीं संघ की अनुषंगी इकाई एकल अभियान विद्यालय द्वारा सुबह में गढ़वा मुख्य पथ पर शोभा यात्रा निकाली जायेगी. इसमें गाजे-बाजे के साथ जयघोष के साथ सनातनी युवा हाथ में भगवा ध्वज लिए शोभा यात्रा में शामिल होंगे. यह यात्रा गोविंद उच्च विद्यालय के मैदान से शुरू होकर शहर के मुख्य पथ होते हुए रामलला मंदिर तक जायेगी.. वहां एक कार्यक्रम के साथ इसका समापन किया जायेगा. इस दौरान लोगों को हिंदी तिथि के नये साल के महत्व के विषय में जानकारी दी जायेगी. इसके पूर्व नये साल को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों को नये साल मनाने को लेकर सूचना प्रसारित करने के साथ ही बधाईयों का तांता लगा हुआ है. इसकी जानकारी देते हुए आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि आज की युवा पीढ़ी अंग्रेजी का नया साल तो मनाती है, लेकिन उन्हें हिंदी के अपने नये साल की जानकारी नहीं है. नये साल पर जब चारों ओर भव्य कार्यक्रम आयोेजित किये जायेंगे, तो नयी पीढ़ी भी इस जानकारी से अवगत हो सकेगी. कई मायने में है चैत शुक्ल पक्ष प्रतिपदा का महत्व : सतीश मिश्र राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व जिला प्रचारक अधिवक्ता सतीश कुमार मिश्र ने बताया कि चैत शुक्ल पक्ष के वर्ष प्रतिपदा के दिन ही सृष्टि की रचना प्रारंभ हुई थी. इसके अलावे इसी दिन भगवान विष्णु का प्रथम अवतार हुआ था और विक्रम संवत का भी शुभारंभ भी इसी दिन हुआ था. इसके अलावे इसी दिन महर्षि गौतम की जयंती, भगवान रामजी का राज्याभिषेक, आर्य समाज की स्थापना, वरूणावतार झूलेलाल का जयंती, विक्रमादित्य जी का राज्याभिषेक और आरएसएस के संस्थापक डॉ हेडगवार का जन्मदिन भी है. अखाड़ों में होगी कलश स्थापना : वर्ष प्रतिपदा को लेकर सभी अखाड़ों और मंदिरों में रविवार को सुबह कलश स्थापित किया जायेगा. इसे लेकर कई अखाड़ों और मंदिरों से शोभा यात्रा भी निकाली जायेगी. इसके साथ ही रविवार से अनुष्ठान भी शुरू हो जायेगा. जहां रामचरित मानस नवाह्न परायण का पाठ आयोजित है, वहां भी पाठ शुरू हो जायेगा. शहर में हैं 22 अखाड़े : गढ़वा शहर में कुल 22 लाइसेंसी अखाड़े हैं. इसमें दिगंबर अखाड़ा निमिया स्थान, जय हनुमान अखाड़ा, वीर कुंवर सिंह अखाड़ा, श्री बजरंग अखाड़ा, शांति सदभावना समिति, बजरंग संघ, जय श्रीराम अखाड़ा, शिवाजी अखाड़ा, व्यवसायी संघ, मां भवानी अखाड़ा, शिवशांति संघ, श्रीराम पूजा समिति, रामनवमी पूजा समिति, रामदूत अखाड़ा, जय मां गढ़देवी अखाड़ा, श्री राम मंदिर टंडवा, हनुमान शिव मंदिर, अयोध्या नरेश अखाड़ा, राजकमल संघ, पवनपुत्र अखाड़ा व संपूर्ण हिंदू संघ का अखाड़ा शामिल हैं.

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By SANJAY

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